पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू हाल ही में अपनी पत्नी डॉ. नवजोत कौर के कैंसर के इलाज को लेकर सुर्खियों में थे। उन्होंने पहले आयुर्वेदिक उपचार, खासकर नीम-हल्दी का उल्लेख किया था, लेकिन अब इस मामले में सिद्धू ने अपना रुख बदलते हुए डॉक्टरों के इलाज को प्राथमिकता देने की बात कही है।
आयुर्वेदिक इलाज पर यू-टर्न
सिद्धू ने एक वीडियो में कहा कि डॉक्टरों का इलाज सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, इलाज में हर संभव तरीका अपनाना चाहिए, लेकिन डॉक्टरी इलाज का कोई विकल्प नहीं हो सकता। इससे पहले, सिद्धू ने अपनी पत्नी के कैंसर के इलाज में नीम-हल्दी के उपयोग का जिक्र किया था, जो अब उन्होंने अपनी बात से पीछे हटते हुए स्पष्ट किया कि वे डॉक्टरों की सलाह पर ही भरोसा करते हैं।
इलाज के साथ संयोजन की बात
सिद्धू ने यह भी बताया कि वह इलाज के साथ-साथ अन्य उपायों का भी पालन करेंगे, लेकिन उन्होंने यह साफ किया कि वह किसी भी तरह की चिकित्सा सेवा से पैसे नहीं लेंगे। यह बयान उन्होंने तब दिया जब वह अपनी पत्नी के साथ अमृतसर में थे, और इस वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने लोगों से यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का लाभ उठाना नहीं है।
स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी
सिद्धू का यह बयान इस ओर इशारा करता है कि वह स्वास्थ्य के मामलों में पूरी तरह से जिम्मेदार हैं और उन्हें यह समझ में आया है कि स्वास्थ्य संबंधी गंभीर मुद्दों का समाधान केवल पारंपरिक उपायों से नहीं हो सकता। सिद्धू ने यह भी कहा कि इलाज का कोई भी तरीका अपनाना चाहिए, लेकिन डॉक्टर का इलाज सबसे ऊपर है।
