मलेरिया हर साल लगभग 25 करोड़ लोगों को संक्रमित करता है और कई लोगों की इस खतरनाक वायरल से मौते भी हो जाती है हालांकि दो मलेरिया की वैक्सीन उपलब्ध हैं, लेकिन ये केवल 75% तक ही इफेक्टिव हैं और इनमें बार-बार बूस्टर शॉट्स की जरूरत पड़ती है लेकिन क्या होगा अगर जो मच्छर मलेरिया फैलाते हैं वहीं इसे रोकने में मदद करें तो। जी हां अब वैज्ञानिकों ने एक नई वैक्सीन स्ट्रैटजी बनाई है। इसमें जेनेटिकली इंजीनियर्ड मच्छरों का इस्तेमाल मलेरिया के खिलाफ इम्यूनिटी को बनाने के लिए किया जाता है। इसमें उन मच्छरों को शामिल किया जाता है जिनमें मलेरिया पैदा करने वाले Plasmodium falciparum पैरासाइट होते हैं। यह पैरासाइट मनुष्यों को संक्रमित करने के जगह शरीर में एंट्री करने के तुरंत बाद रुक जाता है। इसका मतलब है कि ये व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता बल्कि उसके इम्यून सिस्टम को और भी मजबूत बना देता है।
हाल ही में हुई रिसर्च
ये रिसर्च अब हाल ही में 20 नवंबर को न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में पब्लिश हुई है। इसमें वैज्ञानिकों ने इस नए विषय पर टेस्टिंग की है। इस टेस्टिंग में प्रतिभागियों मच्छरों से कटवाया गया। ये वो मच्छर थे जो GA2 नाम में जेनेटिकली रूप से बदले हुए पैरासाइट से इन्फेक्टेड थे।

इम्यूनिटी से सुरक्षा देगी वैक्सीन
इस स्टडी के परिणाम काफी चौंकाने वाले थे। 90% लोग, जिन्हें GA2 मच्छरों ने काटा वो मलेरिया से बचे रहे। इसे लेकर लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन के इम्यूनोलॉजिस्ट जूलियस हफाला ने कहा, “यह मलेरिया वैक्सीन एक काफी बड़ा कदम है। दुनियाभर में मलेरिया से कई लोग प्रभावित होते हैं. ऐसे में इस तरह की वैक्सीन का बनना बेहद जरूरी है।” हालांकि, इसपर अभी और रिसर्च होनी बाकी है लेकिन अगर ये एक्सपेरिमेंट सफल हुआ तो यह लाखों लोगों की जान बचा सकता है।
हर साल करोड़ों लोगों को प्रभावित करता है मलेरिया
मलेरिया हर साल लगभग 25 करोड़ लोगों को संक्रमित करता है और कई लोगों की इसके कारण मौत भी हो जाती है हालांकि दो मलेरिया वैक्सीन उपलब्ध हैं, लेकिन ये केवल 75% तक ही इफेक्टिव हैं और इसमें बार-बार बूस्टर शॉट्स की जरूरत होती है।
लक्षण
इसके लक्षण आमतौर पर संक्रमित मच्छर के काटने के 10–15 दिनों बाद दिखते हैं। आम लक्षणों की अगर बात करें तो
. तेज बुखार
. ठंड लगना
. सिरदर्द
. पसीना आना
. मांसपेशियों में दर्द

. उल्टी
. थकावट और कमजोरी
. पेट दर्द
. एनीमिया या गंभीर मामलों में दौरा भी पड़ सकता है।
अगर मलेरिया का समय पर इलाज न किया जाए, तो ये शरीर के ऑर्गन्स को नुकसान पहुंचाएगा। इससे ब्रेन में सूजन होगी और यहां तक कि मौत भी हो सकती है।
ऐसे करें अपना बचाव
. मलेरिया से बचने के लिए आप मच्छर भगाने वाले लोशन का इस्तेमाल करें।
. लंबी बाजू वाले कपड़े और पैंट पहनकर शरीर को ढकें।
. मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।

.अपने घर के आसपास रुके हुए पानी को हटा दें।
. खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगाएं ताकि मच्छर अंदर न आ पाए।
. इसके अलावा, घर में मच्छर क्वाइल, वैपराइजर मैट्स या इलेक्ट्रॉनिक रिपेलेंट्स का इस्तेमाल करें।
अगर आप मलेरिया प्रभावित क्षेत्र में जा रहे हैं तो मलेरिया-रोधी दवाईयां लें और अपने क्षेत्र में उपलब्ध नई मलेरिया वैक्सीन टीकों की जानकारी रखें।
