उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां एक मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर मधुलिका शुक्ला और उनकी टीम ने एक महिला की जान बचाई और उसके जीवन को नया मोड़ दिया। विकास खंड भरखनी की ग्राम पंचायत निजामपुर की रहने वाली सहाना पत्नी उबैर अली को ऐसी हालत में अस्पताल लाया गया, जहां वह सही से सांस भी नहीं ले पा रही थी और पेशाब करने में भी उसे कठिनाई हो रही थी। डॉक्टरों की टीम ने उसकी जान बचाने के साथ-साथ उम्मीद जताई कि वह अब संतान सुख भी प्राप्त कर सकती है।
लगातार पेट दर्द की समस्या
सहाना को कई सालों से पेट में तेज दर्द की शिकायत थी, जो दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही थी। उसने इस दर्द से छुटकारा पाने के लिए कई स्थानों पर इलाज कराया, लेकिन उसे कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद वह पूरी तरह निराश हो गई थी। इस बीच किसी ने उसे हरदोई के मेडिकल कॉलेज जाने की सलाह दी, जहां उसे सर्जरी विभाग में दिखाया गया। शुरुआत में डॉक्टरों को कोई खास संकेत नहीं मिला, लेकिन बाद में डॉक्टर मधुलिका शुक्ला से राय ली गई।
20 इंच की गांठ का खुलासा
डॉक्टरों ने महिला की जांच शुरू की और सीटी स्कैन कराया। स्कैन में पाया गया कि सहाना के पेट में एक विशाल गांठ है, जिसका आकार 20 इंच था। इस गांठ के कारण ही वह सांस लेने और पेशाब करने में दिक्कत महसूस कर रही थी। इसके बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी, हालांकि यह जोखिम भरा था, क्योंकि महिला और उसके परिवार के पास संतान का कोई सुख नहीं था। इसके बावजूद परिजनों ने भगवान पर विश्वास रखते हुए ऑपरेशन की सहमति दी।
सफल ऑपरेशन और राहत
डॉक्टर मधुलिका शुक्ला और उनकी टीम ने सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया और महिला के पेट से 7 किलो की गांठ निकाली। ऑपरेशन के बाद सहाना की हालत में तेजी से सुधार हुआ। उसे अब सांस लेने में कोई समस्या नहीं हो रही थी और पेशाब करने में भी उसे कोई दिक्कत नहीं थी। डॉक्टरों ने खुशी व्यक्त की कि ऑपरेशन सफल रहा और अब महिला के स्वस्थ होने के बाद उसे संतान सुख भी प्राप्त हो सकता है।
परिजनों का आभार
सहाना और उसके परिजनों ने डॉक्टर मधुलिका शुक्ला और उनकी टीम का दिल से धन्यवाद किया। परिवार ने डॉक्टरों के अथक प्रयासों को सराहा और कहा कि उनका इलाज न केवल सहाना की जान बचाने के लिए था, बल्कि उसने एक नई आशा भी दी है। अब सहाना की हालत ठीक है, और उसे पूरी उम्मीद है कि वह जल्द ही मां बन सकती है।
यह मामला एक उदाहरण बन गया है कि सही समय पर इलाज और सही दिशा में कदम उठाने से जीवन को नया मोड़ मिल सकता है, और परिवार को अपार खुशियों की प्राप्ति हो सकती है।
