आजकल लोग पॉर्न के बारे में खुलकर बात कर लेते हैं। आपने कभी न कभी अपनी जिंदगी में पॉर्न जरूर देखा होगा। पॉर्न फ़िल्मों की बात करें तो कह सकते हैं कि सीमित मात्रा में पॉर्न देखना आपके अंतरंग रिश्ते के लिए टॉनिक का काम कर सकता है, लेकिन जब आप अपने असल रिश्ते को नजरअंदाज कर पॉर्न को ही सारा वक्त देते हो तो वो गलत है। आप पॉर्न में एक्साइटमेंट और सुख तलाशने लग जाते हैं। जिस वजह से जाहिर सी बात है कि रिश्ते में समस्याएं आएंगी।
आपका बता दें कि आपका पॉर्न एडिक्शन आपकी ज़िंदगी को नर्क बना सकता है। ये भी एक तरह की लत ही है और ये जल्दी छूटती भी नहीं है। यहां आपको कुछ संकेत बताए जाएंगे, जिसे पढ़कर आप समझ सकते हैं कि आप पॉर्न एडिक्ट हैं या नहीं। पॉर्न आपके दिमाग पर बहुत बुरा असर डालता है।
पॉर्न स्टार्स की तरह सेक्स करने की इच्छा
ये सब देखने के बाद आपका मन भी उन्हीं की तरह सेक्स करने का करेगा। पार्टनर के साथ बिस्तर पर आपकी उम्मीदें और कल्पनाएं अजीबोग़रीब होती जाेंगी। जिस वजह से हो सकता है कि आपका पार्टनर असहज महसूस करे। जो चीजें प्रैक्टिकल नहीं होंगी वो करने की कोशिश करेंगे।
सेक्स लाइफ़ ख़त्म-सी हो जाना
पॉर्न में आपकी इतनी रूचि बढ़ जाती है कि असल जिंदगी में इसकी रूचि खत्म सी हो जाएगी। आपके लिए सेक्स का मतलब सिर्फ पॉर्न रह जाएगा। अगर पार्टनर की तलाश करेंगे तो आपके दिमाग में सिर्फ एक ही चीज होगी।
इस तरह की फ़िल्में देखने के बाद गिल्टी फील होना
जब कोई काम करते हैं तो मन में हड़कंप मच जाता है कि पॉर्न देखना है, उसके लिए चाहे जितना मर्जी जरूरी काम हो सब छोड़ देते हैं। आप सोचते हैं कि मिनटों में देखकर फिर काम कर लेंगे, लेकिन मिनट कब घंटों में बदल जाते हैं आपको होश ही नहीं रहता। इसके बाद जब आपका दिमाग़ नॉर्मल मोड में आता है तो तब आपको लगता है कि आपने कितना समय बर्बाद कर दिया। कितने सारे काम हो सकते थे। आप ख़ुद को कोसते हैं।
अलग-अलग तरीक़े के पॉर्न तलाशना
पॉर्न फ़िल्में देखकर आपका मन नहीं भरता तो आप अलग तरह की पॉर्न तलाशते हैं। आप नई फ़िल्मों, नए पॉर्नस्टार्स की तलाश करने लग जाते हैं या शैली बदल लेते हैं। जमकर इंटरनेट पर खोज की जाती है। पेड पॉर्न साइट्स तक को सब्सक्राइब कर लेते हैं। जिससे दिमाग तो खराब होता ही है साथ ही पैसे भी उजड़ जाते हैं।
आपका दिमाग पॉर्न के लिए भूखा है
जैसे किसी चीज को खाने की तेज इच्छा जागती है, वैसे ही पॉर्न देखने की भी जागती है। दिन में एक बार तो आपने पॉर्न जरूर देखना है और तब तक देखेंगे जब तक आपकी इच्छा पूरी न हो जाए। न देखो तो अजीब सी बेचैनी होनी शुरू हो जाएगी।
आप अपने सारे रिश्तों से दूर होना शुरू हो जाएंगे। किसी को पसंद नहीं करेंगे अपने आसपास। अगर ऊपर बताए गए लक्षणों में से आपके अंदर भी कुछ हैं तो संभलने का वक़्त आ गया है।
