आजकल नवजात शिशुओं की तस्करी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी बीच, कोलकाता पुलिस ने नवजात शिशुओं की तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक दंपती को गिरफ्तार किया है। रविवार को बंगाल पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने माणिक हलदार और उसकी पत्नी मुकुल सरकार को गिरफ्तार किया, जो इस तस्करी गिरोह के सदस्य थे। पुलिस का कहना है कि यह तस्करी केवल कोलकाता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार देश के अन्य हिस्सों और पड़ोसी देश बांग्लादेश तक भी जुड़े हो सकते हैं।

तस्करी का पर्दाफाश कैसे हुआ

सीआईडी को काफी समय से नवजात शिशुओं की तस्करी के मामले की जानकारी मिल रही थी। इस सूचना के बाद पुलिस ने आरोपियों से बच्चा गोद लेने के बहाने संपर्क किया। रविवार को शालीमार स्टेशन पर माणिक हलदार और उनकी पत्नी मुकुल सरकार शिशु को चार लाख रुपये में बेचने के लिए पहुंचे थे। जब यह डील हो रही थी, तो सीआईडी के अधिकारियों ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। उनके पास से दो दिन का नवजात शिशु बरामद किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि यह बच्चा बिहार के गया जिले से स्थानीय मदद से चुराया गया था।

नवजात तस्करी का तरीका

पुलिस के मुताबिक इस गिरोह के सदस्य मुख्य रूप से उन नि:संतान दंपतियों को निशाना बनाते थे जो बच्चा गोद लेने के इच्छुक होते थे। ये दंपति मोटी रकम देने के लिए तैयार रहते थे, और गिरोह इस अवसर का फायदा उठाकर नवजात शिशुओं को बेच देता था। आरोपियों का उद्देश्य इन दंपतियों से पैसे लेकर शिशुओं को उनके हवाले करना था। पुलिस का कहना है कि यह तस्करी एक संगठित अपराध था, जिसमें कई लोग शामिल थे, और इसके तार देश के विभिन्न हिस्सों में फैले हुए थे।

पहले भी हुए थे तस्करी के मामले

यह पहली बार नहीं है जब कोलकाता पुलिस ने नवजात शिशु तस्करी के मामले का पर्दाफाश किया है। पिछले साल अगस्त में भी पुलिस ने एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया था, जिसमें कई गिरफ्तारियां हुई थीं। पुलिस ने इस गिरोह के कुछ और सदस्यों की पहचान की थी और तस्करी के इस गंदे धंधे में शामिल अन्य लोगों को पकड़ने के लिए जांच जारी रखी थी।

अगली कार्रवाई और जांच

पुलिस ने माणिक हलदार और मुकुल सरकार से विस्तृत पूछताछ की है, और उनकी मदद से इस गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का मानना है कि तस्करी के इस गिरोह का नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है, और यह जांच केवल कोलकाता तक ही सीमित नहीं रहेगी। इस मामले में जल्द ही और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।

नवजात शिशुओं की तस्करी एक गंभीर अपराध है, जो न केवल बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन करता है, बल्कि समाज में एक गहरी चिंता का विषय बन गया है। पुलिस अब इस अपराध के सभी पहलुओं की जांच कर रही है, ताकि इस तरह के गिरोहों के नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म किया जा सके।

By tnm

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