भारत में आर्थराइटिस या गठिया की बीमारी के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार 2022 में आईसीएमआर ने बताया कि देश में लगभग 18 करोड़ लोग इस समस्या से पीड़ित हैं। आजकल यह बीमारी कम उम्र के लोगों को भी प्रभावित कर रही है, जिससे घुटनों, कोहनी और पीठ में दर्द जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। आर्थराइटिस का इलाज दवाओं और सर्जरी दोनों से किया जा सकता है, लेकिन यह जानना जरूरी है कि किस स्थिति में सर्जरी की आवश्यकता होती है और कब दवाओं से ही काम चल सकता है।

आर्थराइटिस के लक्षण

आर्थराइटिस में जोड़ों में दर्द, सूजन, और कभी-कभी जकड़न का अनुभव होता है। यह स्थिति मरीजों की जीवन गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है, खासकर जब वे दैनिक गतिविधियों को करने में कठिनाई महसूस करते हैं। हालांकि हर मरीज के लिए सर्जरी की आवश्यकता नहीं होती है।

सर्जरी की आवश्यकता कब होती है?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि आर्थराइटिस के इलाज के लिए हर केस में सर्जरी जरूरी नहीं होती है। दवाएं, फिजिकल थेरेपी, और लाइफस्टाइल में बदलाव से भी राहत मिल सकती है। लेकिन अगर लक्षण गंभीर हों और मरीज चलने, सीढ़ियां चढ़ने, या बिस्तर से उठने में परेशानी महसूस कर रहा हो, तो सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है। आमतौर पर जब अन्य सभी उपचार विफल हो जाते हैं, तब सर्जरी पर विचार किया जाता है।

दवाओं से उपचार

आर्थराइटिस के लिए कई प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं। इनमें ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक दवाएं और एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं शामिल हैं, जो जोड़ों में दर्द और सूजन को कम करने में मदद करती हैं। गंभीर मामलों में डॉक्टर कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स या एंटी-रूमेटिक ड्रग्स (डीएमएआरडी) जैसी मजबूत दवाएं भी लिख सकते हैं, जो हड्डियों के दर्द को कम करने में मदद करती हैं।

फिजिकल थेरेपी

फिजिकल थेरेपी आर्थराइटिस के उपचार में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसमें मरीज की मांसपेशियों को मजबूत करने, लचीलेपन में सुधार करने और शरीर की गतिशीलता बनाए रखने के लिए व्यायाम कराया जाता है।

लाइफस्टाइल में बदलाव

लाइफस्टाइल में बदलाव भी गठिया के दर्द को कम कर सकता है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, और धूम्रपान छोड़ना जोड़ों के स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है। कुछ मरीजों के लिए हीट थेरेपी, जैसे गर्म स्नान या हीटिंग पैड, मांसपेशियों को आराम देने में मदद कर सकते हैं। अगर इन उपायों से राहत नहीं मिलती है, तो कॉर्टिकोस्टेरॉयड इंजेक्शन सूजन को तुरंत कम करने में मदद कर सकते हैं और कई महीनों तक राहत प्रदान कर सकते हैं।

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल जागरूकता के लिए है और किसी भी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए हमेशा विशेषज्ञ से सलाह लें।

By tnm

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