वैसे तो शरीर के सारे अंग महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन अगर नाक की बात करें तो ये हमें सांस लेने, सूंघने और बोलने में मदद करती है। लेकिन नाक सेहत को लेकर कई तरह की जानकारियां भी देती है। जानकारी के अनुसार पता चला है कि सूंघने की क्षमता में अगर कमी है तो कम से कम 139 या उससे भी ज्यादा गंभीर मेडिकल कंडीशन्स का संकेत हो सकता है। इनमें, अल्जाइमर, पार्किंसंस रोग, मल्टीपल स्केलेरोसिस, हार्ट डिजीज, COVID-19 आदि शामिल है।
सेहत का हाल बताने में नाक है माहिर
जानकारी के अनुसार अगर किसी चीज की सुगंध या गंध कम आ रही है तो ये कई तरह की बीमारियों के लक्षण हो सकते हैं। उदाहरण के लिए जिन लोगों को पार्किंसंस होता है, उनकी सूंघने की क्षमता कम हो जाती है। अल्जाइमर में फोकस करने में समस्या हो सकती है और नाक भी प्रभावित हो जाती है।
गंध और सूजन दोनों में कनेक्शन
एक दूसरी रिसर्च में बताया गया है कि गंध और सूजन दोनों में कनेक्शन है। अध्ययन से मिली जानकारी के अनुसार शोधकर्ताओं ने बताया कि सूंघने की क्षमता कम होने से जुड़ी सभी 139 मेडिकल कंडीशन को देखा तो सभी में किसी न किसी तरह की सूजन शामिल थी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सूंघने की क्षमता बढ़ाकर याददाश्त में 226 प्रतिशत तक सुधार कर सकते हैं।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
