मोमोज का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। गांव हो या शहर, शाम होते ही मोमोज की दुकानों पर भीड़ उमड़ जाती है। लोग चटकारे लेकर इनका मजा लेते हैं, खासकर जब इन्हें तीखी चटनी और मेयोनीज के साथ परोसा जाता है। लेकिन अब यह स्वाद का मजा कुछ समय के लिए छिनने वाला है। तेलंगाना सरकार ने कच्चे अंडे से बने मेयोनीज पर एक साल के लिए बैन लगा दिया है।
खाद्य सुरक्षा के लिए उठाया गया कदम
यह निर्णय तेलंगाना में मोमोज के साथ मेयोनीज से जुड़े खाद्य विषाक्तता के मामलों की बढ़ती संख्या के कारण लिया गया। पिछले दिनों हैदराबाद में मोमोज खाने के बाद एक महिला की मौत हो गई और 20 अन्य लोग बीमार हो गए। यह घटना उस समय हुई जब एक ही सप्लायर से मोमोज खरीदे गए थे। इसके बाद राज्य खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने कच्चे अंडों से बने मेयोनीज के उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर रोक लगाने का आदेश जारी किया।
आदेश के मुताबिक जांच गतिविधियों और जनता से प्राप्त शिकायतों के अनुसार, कच्चे अंडों से बने मेयोनीज को पिछले कुछ महीनों में कई घटनाओं में खाद्य विषाक्तता का कारण बन रहा है। ऐसे में यह रोक बुधवार से प्रभावी हो गई है और अगले एक साल तक जारी रहेगी।
स्वास्थ्य अधिकारियों की सक्रियता
तेलंगाना सरकार के अधिकारियों ने लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए खाद्य स्वच्छता में सुधार करने और मेयोनीज बनाने के वैकल्पिक तरीकों को अपनाने का सुझाव दिया है। इस बैन के चलते, मोमोज के साथ मेयोनीज का मजा लेने वाले लोगों को एक साल तक तरसना पड़ेगा।
मेयोनीज जिसे आमतौर पर अंडे की जर्दी, तेल, सिरका या नींबू के रस से बनाया जाता है, कई व्यंजनों में एक महत्वपूर्ण ड्रेसिंग के रूप में उपयोग होता है। यह मोमोज सैंडविच, सलाद और स्नैक्स में खासतौर पर पसंद किया जाता है। लेकिन अब कच्चे अंडों से बने मेयोनीज के उपयोग पर रोक लगने के कारण कई लोग इसे बिना मेयोनीज के खाने के लिए मजबूर होंगे।
फूड पॉइजनिंग के मामले
इस मामले से पहले हैदराबाद में एक शावरमा की दुकान पर भी फूड पॉइजनिंग के मामले सामने आए थे, जिसके चलते स्वास्थ्य अधिकारियों ने शहर की कई दुकानों पर छापेमारी की थी। इसके परिणामस्वरूप लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह कठोर कदम उठाने का निर्णय लिया है।
लोगों की प्रतिक्रिया
इस बैन के चलते स्थानीय लोगों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखी जा रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह निर्णय स्वास्थ्य के लिए सही है, जबकि कई लोग इसे उनकी खाने की आदतों पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला मानते हैं। मोमोज प्रेमियों का कहना है कि बिना मेयोनीज के मोमोज का स्वाद अधूरा रहेगा।
