प्रेग्नेंसी की दूसरी तिमाही महिलाओं के लिए बहुत खास होती है। इस दौरान वह अपने गर्भ में पल रहे बच्चे के साथ और भी ज्यादा लगाव महसूस करने लगती हैं। 13वें हफ्ते से शुरू होकर 26वें हफ्ते तक की इस दूसरी तिमाही में महिलाओं को मतली और उल्टी जैसी समस्याओं से भी राहत मिलती हैऔर काफी हद तक वे अपने शरीर में होने वाले बदलावों के प्रति एक्टिव हो जाती हैं। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को अलग पोषक तत्वों के साथ-साथ कैलोरी पर भी ध्यान देना पड़ता है, ताकि भ्रूण का पूरा विकास अच्छे से हो सके। प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए इस समय कैलोरी और डाइट प्लान क्या होना चाहिए इस बारे में आज आपको बताएंगे।
दूसरी तिमाही में कैलोरी की मात्रा
कैलोरी की बात करें तो जैसे-जैसे प्रेग्नेंसी आगे बढ़ती है, वैसे-वैसे कैलोरी की मात्रा भी बढ़ाई जाती है हालांकि पहली तिमाही में ज्यादा कैलोरी की सलाह नहीं दी जाती, लेकिन दूसरी तिमाही में आमतौर पर महिलाओं को रोजाना 300-350 अतिरिक्त कैलोरी लेने की सलाह दी जाती है। यह अतिरिक्त कैलोरी बच्चे के विकास और महिला के लिए जरूरी होती है। इस दौरान महिलाओं में खून का स्तर बढ़ता है और स्तनों के टिश्यू और नाल का विकास होता है। वैसे तो दूसरी तिमाही में रोजाना 2200 से 2350 कैलोरी की सलाह दी जाती है, बाकी महिला की गतिविधियों पर भी निर्भर करता है हालांकि, ये इतनी ज्यादा कैलोरी नहीं है, बस महिलाओं को रोजाना करीब 300 कैलोरी बढ़ानी है इसमें ये ध्यान रखने की बात है कि प्रोसेस्ड स्नेक्स खाने की जगह आप अपनी डाइट में हेल्दी स्नैक्स शामिल करें जैसे कि अपने पोर्शन को बढ़ाने की जगह आप दही की कटोरी में मेवे डालकर खा सकती हैं।

दूसरी तिमाही में पोषक तत्व
दूसरी तिमाही में भ्रूण के विकास के लिए कैलोरी और प्रोटीन पर ज्यादा फोकस किया जाता है। इसके साथ ही कैल्शियम और आयरन लेने की सलाह भी दी जाती है। इस समय आयरन बहुत जरुरी होता है, क्योंकि ये भ्रूण की लाल रक्त कोशिकाओं, हीमोग्लोबिन और ऑक्सीजन के ट्रांसपोर्ट में मदद करता है। प्रेग्नेंसी में रोजाना 27 एमजी आयरन की जरूरत पड़ती है और ये खाने से नहीं मिल पाता इसलिए आयरन सप्लीमेंट लेने की सलाह दी जाती है। कैल्शियम भ्रूण की हड्डियों और दांतों के विकास के साथ महिला के ब्रेस्ट मिल्क और ओस्टियोपोरसिस से बचने में भी मदद करता है।
कैल्शियम
दूध, दही, पनीर, सोयाबीन, तोफू, पनीर, तिल के बीज, रागी, बादाम, हरी पत्तेदार सब्जियां।
. सबसे खास बात ये है कि आयरन के अवशोषण में विटामिन सी की जरूरत पड़ती है, इसलिए आहार में विटामिन सी जरूर लें। खजूर, दाल, ऑर्गन मीट, किशमिश, तिल के बीज, गार्डन क्रीस सीड्स, कद्दू के बीज, बाजरा और हरी पत्तेदार सब्जियां का सेवन करके आप आयरन की कमी पूरी कर सकते हैं।
विटामिन सी के लिए आप आंवला, अमरूद, खट्टे रस के फल, खाने में नींबू को भी शामिल कर सकते हैं।

डाइट प्लान
प्रेग्नेंसी की दूसरी तिमाही का डाइट प्लान की अगर बात करें तो यह पोषक तत्वों से भरपूर होना चाहिए इसे गर्भवती महिलाएं अपनाकर खुद को फिट और एक्टिव महसूस करवा सकती हैं।
सुबह
दूसरी तिमाही में सुबह की शुरूआत आप नारियल पानी से कर सकती हैं। यह इलेक्ट्रोलाइट्स के लिए फायदेमंद है।
नाश्ता
. नाश्ते में आप 2 मूंग दाल चीला और पुदीने की चटनी ले सकती हैं।
. आप चाहें तो 1 कटोरी दलिया और सब्जियों का उपमा भी नाश्ते में ले सकती हैं।
. यदि आप साउथ इंडियन खाना चाहती हैं तो रागी इडली और सांभर भी ले सकते हैं।

नाश्ते और लंच के बीच
. इस दौरान आप कोई भी एक फल और 5-7 मेवे (बादाम/अखरोट) ले सकते हैं।
. अगर भूख कम हो तो 3-4 खुबानी भी ले सकती हैं।
दोपहर का खाना
लंच में एक कटोरी राजमा या काले चने की सब्जी के साथ चावल और सलाद खा सकते हैं। आप चाहे तो 1 कटोरी सहजन की सब्जी के साथ ज्वार की रोटी और सत्तू की छाछ भी ले सकती हैं। अगर आपका मन कुछ हरी सब्जी खाने का है तो सरसों के साग के साथ मक्की की रोटी, एक चम्मच देसी घी और नींबू प्याज का सलाद भी खा सकते हैं।
शाम का स्नैक्स
. शाम को आप लस्सी ले सकती हैं।
. यदि आपको भूख लगी है तो मुट्ठीभर भुने हुए चने भी खाए जा सकते हैं।

रात का खाना
. रात में आप मिसल सब्जी के साथ 2 रोटी और सलाद ले सकती हैं।
.यदि आप नॉन वेज खाती हैं, तो चिकन बिरयानी के साथ रायता खा सकती हैं।
. आप चाहे तो प्रोटीन युक्त सोयाबीन सब्जी का पुलाव और अनार का रायता भी खा सकती हैं।

. आप मखाने और मटर की सब्जी के साथ चावल भी रात में ले सकती हैं।
. यदि रोजाना डाइट में आप आयरन, कैल्शियम और विटामिन सी अच्छी मात्रा में लें तो कैलोरी का खास ध्यान रखा जाए, तो गर्भवती महिलाओं की दूसरी तिमाही बहुत ही आसान हो जाती है।
