टाइप-2 डायबिटीज एक क्रॉनिक मेटाबॉलिक बीमारी है इसमें शरीर इंसुलिन का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता, जिसके कारण ब्लड शुगर लेवल का स्तर बढ़ जाता है। इस बीमारी में एक आम लक्षणों की बात करें तो वो थकान है, जो व्यक्ति की डेली रुटीन पर गहरा असर डालती है। डायबिटीज में थकान के कारण व्यक्ति के लिए समय थोड़ा मुश्किल भरा हो सकते हैं क्योंकि इसमें शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से स्वास्थ्य प्रभावित होता है। ब्लड शुगर लेवल का असंतुलन, शरीर में एनर्जी की कमी और इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण अक्सर शरीर में एनर्जी नहीं बन पाती, जो कि थकान का मुख्य कारण है। इसके साथ ही, हाई ब्लड शुगर लेवल से डिहाइड्रेशन, नींद की समस्याएं और मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है, जिससे थकान की समस्या और भी बढ़ जाती है। डायबिटीज से जुड़ी थकान का बचाव मुमकिन है। इस आर्टिकल के जरिए जानते हैं कि टाइप-2 डायबिटीज में थकान होने के कारण और बचाव के उपाय।
थकान के कारण
. जब ब्लड शुगर का लेवल ज्यादा हो जाता है, तो किडनी को इसे कंट्रोल करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, इससे डिहाइड्रेशन की समस्या और थकान हो सकती है।
.टाइप-2 डायबिटीज से प्रभावित व्यक्तियों में स्लीप एपनिया जैसी नींद संबंधी समस्याएं भी ज्यादा देखी जाती हैं। यह समस्या शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाने से थकान को और भी ज्यादा बढ़ा देती है।

. डायबिटीज में अक्सर लोग एक्टिव नहीं रहते, जिससे मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और थकान का होनी लगती है।
. इंसुलिन रेजिस्टेंस से ग्लूकोज का सही से इस्तेमाल नहीं होता, जिससे मांसपेशियों में एनर्जी की कमी होती है और व्यक्ति जल्दी थक जाता है।
. डायबिटीज के कारण लगातार मानसिक तनाव होता है। चिंता और तनाव की स्थिति में शरीर की एनर्जी कम हो जाती है, जिससे व्यक्ति में आलस्य और थकान बढ़ जाती है।
ऐसे करें बचाव
.हल्का-फुल्की एक्सरसाइज, जैसे- वॉकिंग, योग और स्ट्रेचिंग करने से शरीर में एनर्जी बढ़ती है और मेटाबॉलिज्म को मजबूत करने में मदद मिलती है।
.मेडिटेशन और ब्रीदिंग एक्सरसाइज की मदद से टाइप-2 डायबिटीज में थकान की समस्या को दूर किया हो सकती है।

.भोजन में प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स शामिल करें। इससे ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहेगा और ऊर्जा की मात्रा भी बनी रहेगी। प्रोसेस्ड फूड और मीठे पेय पदार्थों का सेवन करने से बचें।
. ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल करना जरूरी है। इसके लिए डॉक्टर की सलाह पर सही दवाइयां लें और नियमित रूप से ब्लड शुगर चेक करें। संतुलित डाइट लें जिसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा नियंत्रित हो।
. डिहाइड्रेशन थकान को बढ़ाएगी, इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करते रहें।
. भोजन में प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स शामिल करें। इससे ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहेगा और ऊर्जा की मात्रा भी बनी रहेगी। प्रोसेस्ड फूड और मीठे पेय पदार्थों का सेवन करने से बचें।
. अच्छी नींद के लिए सोने का समय निर्धारित करें और स्क्रीन टाइम को सोने से पहले कम करें।
. टाइप-2 डायबिटीज में थकान एक आम समस्या है, लेकिन इसे लाइफस्टाइल में सुधार और नियमित उपचार से कम कर सकते हैं। अगर थकान का स्तर बढ़ रहा है, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें।
