सर्वाइकल कैंसर जो महिलाओं के बीच तेजी से बढ़ रहा है, अब एक नए ट्रीटमेंट के जरिए खतरे में कमी लाने का आश्वासन देता है। हर साल लगभग 6.6 लाख नए मामलों का पता चलता है, जिनमें से 3.5 लाख महिलाएं इस बीमारी के चलते जान गंवा देती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार यह महिलाओं में होने वाला चौथा सबसे आम कैंसर है, और इसके मामलों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय बनी हुई है।
सर्वाइकल कैंसर का कारण
सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) है। यह वायरस अक्सर एक से ज्यादा यौन साथी के साथ संबंध बनाने से फैलता है। इसके लक्षणों में वेजाइना से ब्लीडिंग, अधिक लिक्विड डिस्चार्ज, बदबू, और फिजिकल रिलेशन के दौरान दर्द शामिल हैं। इन लक्षणों के नजर आने पर पैप स्मियर, सर्वाइकल बायोप्सी और पेट का अल्ट्रासाउंड जैसे टेस्ट करवाने की सलाह दी जाती है।
नया ट्रीटमेंट
हाल ही में विकसित एक नए ट्रीटमेंट ने चिकित्सा जगत में हलचल मचा दी है। इस ट्रीटमेंट के जरिए मरीजों की मौत का खतरा 40% तक कम किया जा सकता है। यह ट्रीटमेंट पिछले 25 वर्षों में सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ सबसे प्रभावी इलाज माना जा रहा है।
इसमें मरीजों को कीमोथेरेपी का एक छोटा कोर्स दिया जाता है, जिसके बाद कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी का संयोजन किया जाता है। इस ट्रीटमेंट को यूके, मैक्सिको, भारत, इटली और ब्राजील में 10 साल तक चलने वाले परीक्षणों में सफलता मिली है।
शोधकर्ताओं की राय
यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं ने पाया है कि इस नए ट्रीटमेंट से न केवल मौत का खतरा कम होता है, बल्कि कैंसर के वापस लौटने का जोखिम भी 35% तक कम हो जाता है। इस रिसर्च के परिणाम लैंसेट मैगजीन में प्रकाशित किए गए हैं। इस परीक्षण के प्रमुख डॉक्टर मैरी मैककॉर्मैक ने इसे सर्वाइकल कैंसर के इलाज में अब तक का सबसे बेहतरीन तरीका बताया है।
नई उम्मीद
कैंसर रिसर्च यूके के कार्यकारी निदेशक, डॉ. इयान फाउल्स, ने कहा, यह ट्रीटमेंट सर्वाइकल कैंसर के मरीजों के लिए एक नई उम्मीद की किरण है। दुनियाभर में इस ट्रीटमेंट को लाने की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे उम्मीद है कि महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ एक प्रभावी ढाल मिलेगी।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
