आजकल क्लब जाना और अजनबियों के साथ पार्टी करना युवाओं के बीच एक आम बात बन चुकी है। लोग अक्सर जीवन की खुशियों का जश्न मनाने के लिए क्लबों का सहारा लेते हैं। लेकिन कभी-कभी, मज़े के इन पलों में कुछ अप्रत्याशित घटनाएं घटित हो सकती हैं। स्कॉटलैंड की 22 साल की नीव मैकरेव (Neve McRavey) के साथ भी ऐसा ही हुआ जब उसने अपने ग्रैजुएशन का जश्न मनाने के लिए एक क्लब में जाने का निर्णय लिया।
क्या है पूरा मामला
नीव ने यूनिवर्सिटी ऑफ स्ट्रैथक्लाइड से अपनी पढ़ाई पूरी की थी और अपने ग्रैजुएशन के जश्न को मनाने के लिए क्लब पहुंची। क्लब में उन्होंने एक अंजान शख्स से मुलाकात की और दोनों ने डांस करते-करते एक-दूसरे को किस कर लिया। यह क्षण उनके लिए एक साधारण अनुभव था, और उसके बाद नीव अपने घर लौट गईं। लेकिन जब महिला ने अगले दिन सुबह उठकर देखा, तो सब कुछ सामान्य नहीं था।
गंभीर लक्षण
नीव के गले में भयानक दर्द हो रहा था। शुरुआत में उसे लगा कि यह टॉन्सिल का पुराना दर्द है, लेकिन 24 घंटों के भीतर उनके लक्षण गंभीर हो गए। थूक उनके गले में फंसने लगा और दर्द असहनीय हो गया। इस स्थिति में उन्होंने तय किया कि डॉक्टर से संपर्क करें।
डॉक्टर ने नीव को एंटिबायोटिक्स दीं, लेकिन दवाओं का कोई असर नहीं हुआ। नतीजतन उन्हें एक बड़े अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। वहां की जांच में पता चला कि उन्हें ग्लैंडुलर फीवर हो गया है। डॉक्टरों ने उनकी धमनियों में पाइप लगाकर उन्हें हाइड्रेट किया।
ग्लैंडुलर फीवर और किसिंग डिज़ीज़
ग्लैंडुलर फीवर जिसे आमतौर पर किसिंग डिज़ीज़ के नाम से जाना जाता है, एक वायरल संक्रमण है जो मुख्य रूप से एप्सटीन-बार वायरस (EBV) से होता है। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक थूक के माध्यम से फैलता है। यह संक्रमण विशेष रूप से युवाओं में अधिक देखा जाता है और इससे बुखार, गले में दर्द, थकान और बदन दर्द जैसे लक्षण होते हैं।
नीव का ग्रैजुएशन 26 जून को था, लेकिन उनकी बीमारी ने इस खुशी को खराब कर दिया। उन्हें लगातार उल्टियां होती रहीं, और वे बिस्तर पर पड़ी रहीं। इस कारण से वे अपने परिवार और दोस्तों के साथ जश्न नहीं मना पाईं।
सीख और सलाह
नीव ने इस अनुभव से सीखते हुए दूसरों को सलाह दी कि कभी भी अजनबी लोगों को किस नहीं करना चाहिए, क्योंकि ऐसी बीमारियां आसानी से ट्रांसफर हो सकती हैं। उनका मानना है कि जागरूकता जरूरी है, खासकर युवाओं के लिए जो पार्टी के माहौल में होते हैं।
नीव के लिए रिकवरी में लगभग एक महीने का समय लगा। हालांकि, ग्लैंडुलर फीवर को दवाओं के बिना भी ठीक किया जा सकता है, लेकिन इसमें कई हफ्ते लग सकते हैं। उनके कमजोर इम्यून सिस्टम के कारण यह वायरस तेजी से उन पर असर डाल गया।
इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि जीवन के छोटे-छोटे क्षणों का मज़ा लेते समय सावधानी बरतना कितना आवश्यक है। किसी भी अनजाने अनुभव के साथ, स्वास्थ्य पर ध्यान देना हमेशा प्राथमिकता होनी चाहिए। नीव का अनुभव न केवल उनकी कहानी है, बल्कि यह युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी भी है।
