तंबाकू को हर कोई गलत नजर से देखता है और ये बेहद ही बदनाम है। बदनाम होने की बावजूद भी ये एक आयुर्वेदिक औषधि है। इसके बदनाम होने के पीछे मुख्य कारण निकोटिन है। निकोटिन नसों के लिए नुक़सानदायक है और इसकी लत लग जाती है, जो कि बहुत बुरी है।

आपको बता दें कि तंबाकू मूल रूप से एक अमेरिकी पौधा है, जो अब पूरे भारत में भी उगाया जाता है। आयुर्वेद की किताबों में तंबाकू को धूम्रपात्रिका, तामुख, क्षारपत्रा, ताम्रकूट के नामों से लिखा गया है। यहां पर हम इससे जुड़े कुछ औषधीय उपयोग बताएंगे।

ध्यान रखने की बात ये है कि जो लेप करेंगे वे अगर तंबाकू नहीं खाते तो उन्हें तंबाकू का लेप करने से या उसके पत्तों को लगाने या सिकाई करने से उल्टी, चक्कर या हल्की घबराहट जैसा हो सकता है। इसलिए ऐसे व्यक्ति इसके लेप को कम समय के लिए लगाएं तो ही बेहतर रहेगा।

औषधीय उपयोग

● यदि तंबाकू के पत्ते को लौंग के साथ पीसकर सिर पर लेप के रूप में लगाया जाए तो सिर दर्द में आराम मिलता है।

● जानवरों के जिस जगह पर कीड़े पड़े हैं, वहां इसके पत्तों को डंठल के साथ पीसकर भर सकते हैं, ग्रामीण लोग ऐसे ही करते हैं, ताकि जानवर को आराम मिल सके। ज़ख्मों पर भी इसके पत्तों को गर्म करके, तेल में भिगोकर लगा सकते हैं।

● यदि दाद खाज खुजली हो तो इसके पत्तों को गुलाब जल में पीसकर लेप लगाया जा सकता है।

● अगर आप हाइड्रोसील की परेशानी से गुजर रहे हैं तो इसके हरे पत्ते पर थोड़ा-सा तेल लगाकर और सेंक कर अंडकोश पर बांधने से बहुत फ़ायदा होगा।

● मसूड़ों की समस्या से परेशान हैं तो तंबाकू को कालीमिर्च, अकरकरा, चूल्हे की मिट्टी के साथ मिलाकर मसूड़ों पर मसाज करें, जिससे आराम मिलता है।

● फोड़ों पर तम्बाकू के फूलों को पीसकर उसकी गरम-गरम पट्टी बांधने से वे जल्दी फूट जाती है।

● बालों में जूएं हैं तो तंबाकू को बालों में थोड़ी देर लगा कर रख सकते हैं और फिर अरीठे के पानी से बालों को धो लें।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या किसी एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

By tnm

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