हाल ही में गुरुग्राम के एक अस्पताल से एक अत्यंत शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपनी नवजात बेटी को बेसहारा छोड़ दिया और मौके से भाग गई। इस घटना ने न केवल स्थानीय समुदाय को बल्कि पूरे देश को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कैसे एक मां अपने बच्चे को इस तरह त्याग सकती है।
क्या है पूरा मामला
पुलिस ने बताया कि यह घटना मंगलवार शाम की है, जब अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. देवेन्द्र यादव अपनी ड्यूटी पर थे। उन्होंने अस्पताल के लैब एरिया में एक नवजात बच्ची को अकेला पाया। डॉक्टर ने बताया कि बच्ची की उम्र केवल एक से तीन दिन के बीच है और इसे उसकी मां ने छोड़ दिया था। डॉ. यादव ने तुरंत इस मामले की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी और बच्ची को सुरक्षा एवं देखभाल के लिए अस्पताल के एनआईसीयू वार्ड में शिफ्ट कर दिया।
मामले की हो रही छानबीन
इस घटना के बाद डॉ. यादव ने अज्ञात महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। पुलिस ने बताया कि बुधवार को सेक्टर 10 ए पुलिस स्टेशन में इस मामले की शिकायत दर्ज की गई और आरोपी महिला की पहचान के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है।
अस्पताल के अधिकारियों ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई है और कहा है कि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए समाज को मिलकर काम करने की जरूरत है। इसके अलावा प्रशासन को भी इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि ऐसे बच्चों को उचित देखभाल और सुरक्षा मिल सके।
पहले भी आ चुका है ऐसे का मामला
यह मामला केवल गुरुग्राम तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पहले उत्तर प्रदेश के बिजनौर में भी एक महिला द्वारा अपने दो माह के बच्चे को तालाब में फेंकने की घटना सामने आई थी। उस महिला ने पुलिस को बताया कि कुछ लोग बच्चे को छीनकर भाग गए हैं, लेकिन सीसीटीवी फुटेज ने सच उजागर कर दिया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। ऐसे मामलों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि आखिर माता-पिता का दायित्व क्या है और वे अपने बच्चों के प्रति कितने जिम्मेदार हैं।
