लखनऊ में डेंगू का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। पिछले दो दिनों में 78 नए डेंगू के केस सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। खासतौर पर अलीगंज, आलमबाग, इंदिरा नगर और चौक जैसे इलाकों में डेंगू के मामलों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। हजरतगंज, ऐशबाग, गोसाईगंज, सरोजिनी नगर और अन्य क्षेत्रों में भी डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय के अनुसार जनवरी से अब तक 1115 डेंगू और 443 मलेरिया के मरीज दर्ज किए गए हैं।
मलेरिया और चिकनगुनिया के भी मरीज
डेंगू के साथ-साथ मलेरिया और चिकनगुनिया के मरीज भी सामने आ रहे हैं। पिछले दो दिनों में मलेरिया के दो और चिकनगुनिया के तीन मरीजों की पहचान की गई है। इन सभी बीमारियों का मुख्य कारण मच्छरों का प्रकोप है, जिससे शहर के कई इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश मरीजों का इलाज घर पर ही हो रहा है, लेकिन गंभीर मामलों में मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की कार्यवाही और जागरूकता अभियान
मच्छर जनित बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कई क्षेत्रों में फॉगिंग और एंटी-लार्वा का छिड़काव किया है। पिछले दो दिनों में विभाग की टीमों ने 3017 घरों का सर्वेक्षण किया और 18 भवन स्वामियों को नोटिस जारी किया। इन नोटिसों में उन्हें मच्छर जनित स्थितियों को सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है ताकि लोग मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक रहें।
निजी और सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीज
लखनऊ के प्रमुख अस्पतालों जैसे केजीएमयू, लोहिया संस्थान, बलरामपुर अस्पताल, सिविल अस्पताल और लोकबंधु अस्पताल में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के लक्षणों वाले मरीज लगातार भर्ती हो रहे हैं। निजी अस्पतालों में भी वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि कई मरीजों में डेंगू के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, लेकिन जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि नहीं हो रही है। ऐसे मामलों में डॉक्टर लक्षणों के आधार पर इलाज कर रहे हैं।
फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव जारी
स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग और एंटी-लार्वा का छिड़काव कर रही हैं। इसके अलावा लोगों को मच्छरों से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। विभाग का मानना है कि अगर समय रहते उचित उपाय किए जाएं, तो इन बीमारियों के प्रसार को रोका जा सकता है।
इस बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए लोगों को अपने आस-पास की सफाई बनाए रखने, पानी जमा न होने देने और मच्छरदानी का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की कोशिश है कि हर व्यक्ति डेंगू और अन्य मच्छर जनित बीमारियों से बचने के लिए सजग रहे, ताकि लखनऊ में स्वास्थ्य संकट को नियंत्रित किया जा सके।
