होमोफोबिया का मतलब है कि जो समलैंगिकों, और उभयलिंगी लोग, इनके खिलाफ नकारात्मक दृष्टिकोण रखना। फिर चाहे ये दृष्टिकोण समाज रखे या कोई एक व्यक्ति। होमोफोबिया अलग-अलग तरीके से सामने आ सकता है। उदाहरण के लिए ‘समलैंगिक’ शब्द का इस्तेमाल कर अपमान करना, किसी को धमकाना या समलैंगिक होने की वजह से नौकरी से निकाल देना। जब आप किसी को पहली बार अपने समलैंगिकता के बारे में बताएं और सामने वाले के चेहरे पर जो डर आए, उसे भी होमोफोबिया कहते हैं। सड़क पर छेड़खानी, शारीरिक हमले का सामना करना भी इसके अंतर्गत आता है।

बच्चों को इस तरह समझाएं

हमारे समाज में अक्सर ऐसे केस सामने आते रहते हैं। भद्दी टिप्पणी कर देना, गाली-गलोच या फिर मजाक। इनका असर बच्चों पर भी पड़ता है। अगर वे बचपन से ही ये सब देखेंगो तो बड़े होकर वे भी ऐसे ही दूसरों को तंग करेंगे। लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाएंगे। ऐसे में उन्हें समझाएं कि बाकी लोगों की तरह समलैंगिक लोगों को भी इच्छानुसार जीने का अधिकार है। यदि उन्हें समझाएंगे तो आने वाली पीढ़ी समझदार निकलेगी। उन्हें इससे रिलेटेड किताब दे सकते हैं पढ़ने के लिए, या फिर किसी टीवी शो के जरिए।

Homophobia का शिकार करें ये काम

सबसे पहले ये समझें कि खुद को दोष देना गलत है, आपने कुछ गलत नहीं किया। जो आपको तंग करें या टिप्पणी करें तो उन पर गुस्सा न हों, ये समझ कर जाने दें कि वे अनपढ़ हैं। उन्हें मत दिखाएं कि आप उनसे परेशान हैं। किसी समर्थन या समूह के साथ जुड़कर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। ऑनलइन भी बहुत से लोग हैं जो अपनी कहानियां शेयर करते हैं, आप उनके साथ जुड़ सकते हैं। सार्वजनिक स्थान पर अगर ऐसा हो और हिंसा के बारे में सोचकर चिंतित हैं तो एक काली मिर्च स्प्रे अपने साथ जरूर रखें।

ज़रूरी है की समलैंगिकता के बारे में सही जानकारी लें और दूसरों को भी बताएं। ग़लतफहमियों को दूर करें, अपना दिल, दिमाग़ खोलें और नज़रिया बदलें।

By tnm

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