जब कपल्स के बीच असुरक्षित यौन संबंध होता है तो गर्भधारण के खतरे से बचने के लिए इमरजेंसी पिल्स का महिलाएं सेवन करती हैं। बहुत सी महिलाएं ऐसी होती हैं जो शर्म और झिझक के चलते इन इमरजेंसी पिल्स का सेवन डॉक्टर को दिखाए बिना ही कर लेती हैं, जिससे बाद में उन्हें समस्याओं को झेलना पड़ता है।

इतनी देर में सेवन कर रोका जा सकता है गर्भधारण

इसे मॉर्निग-आफ्टर पिल्स भी कहा जाता है। असुरक्षित यौन संबंध के बाद जितनी जल्दी हो सके इमरजेंसी पिल लें, अगर आप प्रेग्नेंसी से बचना चाहती हैं। 24 घंटे के अंदर ये गोलियां लेना सबसे अच्छा होता है, लेकिन 72 घंटे के अंदर भी लेने से गर्भधारण से बचा जा सकता है।

बहुत बार ऐसे भी हुआ है कि पिल्स लेने के बाद भी महिलाएं गर्भवती हो जाती हैं और उसके साइड इफेक्ट भी झेलने पड़ते हैं। ऐसी ही एक खबर सामने आई थी जहां एक महिला को पिल्स लेने के बावजूद भी एक्टोपिक प्रेग्नेंसी हो गई।

Ectopic Pregnancy

एक्टोपिक प्रेग्नेंसी, तब होती है जब अंडा गर्भाशय के बाहर प्रत्यारोपित हो जाता है। आमतौर पर ये फैलोपियन ट्यूब में होती है। इसका कारण था कि महिला इमरजेंसी पिल्स का रेगुलर सेवन करती थी। डॉक्टरों का कहना है कि बीते कुछ सालों में 18 से 30 साल की महिलाओं के बीच इमरजेंसी पिल्स के इस्तेमाल में 25 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। उनका कहना है कि अधिक मात्रा में इनका सेवन करने से भविष्य में महिलाओं को गर्भधारण करने में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

Fertility Experts की राय

फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसके फेलियर रेट काफी ज्यादा आई हैं। कुछ महिलाएं मानती हैं कि ये पिल्स STI से भी बचाती हैं और इसके कोई साइड इफेक्ट्स नहीं होते। इसका जरूरत से ज्यादा सेवन हार्मोनल इंबैलेंस, अनियमित पीरियड्स के साथ ही एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का खतरा भी काफी बढ़ाता है। ऐसे में जरूरी है कि महिलाएं असुरक्षित गर्भधारण से बचने के लिए डॉक्टर्स से बात करें।

आपको बता दें कि मेडिकल स्टोर्स में काम करने वालों का भी यही कहना है कि बीते 2 सालों में इमरजेंसी पिल्स की बिक्री में 10 फीसदी की बढ़ोतरी आई है। जिसका एक मुख्य कारण इंटरनेट बताया जा रहा है और इसे खरीदने के लिए प्रिस्क्रिप्शन की भी जरूरत नहीं होती।

By tnm

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