इसमें कोई दो राय नहीं कि दिल और दिमाग में से सिर्फ एक महत्वपूर्ण हो, दोनों ही हमारे शरीर के लिए सबसे जरूरी है। दिल का काम शरीर को ब्लड की सप्लाई करना है, जबकि दिमाग नए-नए विचार, भावनाओं और काम को कंट्रोल करता है। लेकिन कहीं बार आपके भी दिमाग में ये चीज आती होगी कि दोनों में से सबसे ज्यादा ताकतवार कौन है। आपने इससे रिलेटेड इंस्टा पर भी काफी रील्स देखी होंगी, तो चलिए आज जानते हैं।
दिमाग है Controller?
आपको बता दें कि करीब 86 अरब न्यूरॉन्स दिमाग में और 4-5 हजार दिल में होते हैं। दिल के न्यूरॉन्स हार्ट बीट, ब्लड सर्कुलेशन बनाने में मदद करते हैं। कहा जाता था कि ब्रेन ही पूरे शरीर को कंट्रोल करता है, एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये पूरी तरह सच नहीं है।
दिल या दिमाग कौन ज्यादा ताकतवर
कुछ स्टडी में बताया गया है कि दिल, दिमाग से आदेश नहीं लेता बल्कि देता है। उसे दिमाग से कमांड लेने की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन आपको बता दें कि दोनों ही मिलकर शरीर को चलाते हैं। दोनों की आपस में बातचीत होती है।
उदाहरण के लिए एक्सीडेंट होने पर ब्रेन डेड हो जाता है, लेकिन दिल धड़कता रहता है और कहीं बार दिल धड़कना बंद कर देता है और 3-4 मिनट तक ब्रेन डेड नहीं होता है।
Heart is Boss
एक पुरानी रिसर्च में पता चला कि दिल दूसरे अंगों जैसा नहीं है। ऐसा लगता है कि उसके पास खुद का ही कोई दिमाग या सिस्टम है। इस वजह से वे दिमाग को लगातार मैसेज भेजता रहता है और दिमाग को उस पर अमल भी करना पड़ता है। रिसर्च में ये भी पता चला कि इन संदेशों का असर इंसान के व्यवहार, परफॉर्मेंस पर भी पड़ता है। पाया गया है कि ब्रेन जितनी इंफॉर्मेशन दिल को देता है, उससे कहीं ज्यादा गुना दिल ब्रेन तक पहुंचाता है।
दिल की हरकतों से हो सकता है दिमाग खराब?
दिल की ताकत को हलके में बिल्कुल न लें। दर्द, डिप्रेशन हर तरह की भावनाएं दिल महसूस करता है। दिल की वजह से शरीर कमजोर हो सकता है। इसकी हरकतें दिमाग को बीमार बना देती हैं।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
