आंखें हमारे शरीर का एक ऐसा अंग है जो सिर्फ देखने के लिए ही नहीं बल्कि अपना दर्द बयां करने में भी अहम भूमिका निभाती हैं। फिर चाहे शरीर का दर्द हो या दिल का, आंखें सब बता देती हैं। और जब हम किसी डॉक्टर के पास जाते हैं तो वे भी सबसे पहले हमारी आंखें ही चेक करते हैं।
शरीर की बीमारी का आंखों से कैसा संबंध?
आपको बता दें कि आंखों के पीछे ब्लड सर्केुलेशन की एक व्यवस्था होती है। जिसे रेटिना वैस्कुलचर कहा जाता है और ये आपके दिल के स्वास्थ्य से बहुत पास से जुड़ी हुई है। इसका मतलब ये है कि आंखों में जो समस्याएं दिखती हैं, वे सीधे शरीर में दिल और वाहिकाओं की स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ी हो सकती हैं। इसलिए ज्यादातर आंखों की जांच के लिए आंखों के बाहर और अंदर का निरीक्षण शामिल होता है।
High Cholesterol
जो लोग हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या से गुजर रहे हैं उनकी आंखों के आइरिस के चारों और ग्रे, सफेद या फिर नीले रंग का घेरा बनने लगता है। मेडिकल भाषा में इसे आर्कस सेनिलिस कहते हैं। इसे देखकर ये पता लगता है कि आपको हार्ट डिजीज, कोलेस्ट्रॉल और स्ट्रोक का खतरा तो नहीं।
Blood Pressure
जब आंखों के ब्लड वेसेल्स डैमेज नजर आते हैं, तो ये हाई ब्लड प्रेशर की समस्या का संकेत होते हैं। इसमें आंखों के आसपास सूजन होने लगती है। स्किन भी थोड़ी सिकुड़ी हुई नजर आने लगती है। आंखों के आसपास दिखने वाले ये लक्षण स्ट्रोक, हार्ट अटैक और हाई ब्लड प्रेशर के कारण भी हो सकते हैं।
Thyroid
आंखों का बदला रंग थायराइड के बारे में भी बताता है। जब कोई व्यक्ति थायराइड की समस्या से गुजर रहा हो तो उसकी आंखें लाल हो जाती हैं। आंखों के आस-पास खुजली और सूजन की परेशानी भी हो जाती है।
