उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक बेहद दुर्लभ और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के सुभाषनगर इलाके की 21 वर्षीय युवती पिछले 16 सालों से अपने ही बाल खा रही थी, जिसके कारण उसके पेट में एक विशाल बालों का गुच्छा जमा हो गया था। हाल ही में जिला अस्पताल के डॉक्टरों की एक टीम ने इस युवती का सफल ऑपरेशन किया, जिसमें करीब 2 किलो वजन का बालों का गुच्छा निकाला गया। यह दुर्लभ बीमारी मानसिक विकार से संबंधित है, जिसे ट्राईकोलोटो मेनिया (Trichotillomania) कहा जाता है, जिसमें व्यक्ति अपने सिर के बालों को खींचकर खाने लगता है।
पांच साल से पेट दर्द की समस्या
इस युवती को पिछले पांच सालों से पेट दर्द की समस्या थी, लेकिन परिजन और डॉक्टर इस दर्द की असली वजह का पता नहीं लगा पा रहे थे। युवती के परिवार ने उसे कई निजी डॉक्टरों को दिखाया, लेकिन कोई भी डॉक्टर उसकी स्थिति की सही पहचान नहीं कर सका। जब दर्द असहनीय हो गया और युवती खाना नहीं खा पा रही थी, तब उसके परिजन उसे बरेली के जिला अस्पताल लेकर गए।
सीटी स्कैन से हुआ खुलासा
जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने युवती का सीटी स्कैन कराया, जिससे यह पता चला कि उसके पेट में एक बड़ा बालों का गुच्छा जमा हुआ है। 22 सितंबर को युवती को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, और एक सप्ताह बाद उसका ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने उसके पेट से लगभग 2 किलो बालों का गुच्छा निकाला, जो पिछले कई सालों से जमा हो रहा था।
16 सालों से खा रही थी अपने बाल
युवती के परिजनों ने बताया कि वह पिछले 16 सालों से अपने सिर के बाल खा रही थी। ट्राईकोलोटो मेनिया एक मानसिक विकार है जिसमें व्यक्ति को बालों को खींचने और खाने की आदत हो जाती है। लगातार बाल खाने के कारण युवती के पेट में बालों का यह बड़ा गुच्छा बन गया था। पिछले कुछ महीनों में उसकी स्थिति और बिगड़ गई थी, जिससे उसे पेट में भयंकर दर्द और उल्टियों की समस्या होने लगी थी।
डॉक्टरों की टीम ने किया जटिल ऑपरेशन
जिला अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने इस जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। ऑपरेशन करने वाली टीम में सर्जन डॉ. एम.पी. सिंह, डॉ. अंजली सोनी, डॉ. मुग्धा शर्मा, डॉ. दिग्विजय सिंह और अन्य स्टाफ सदस्य शामिल थे। सर्जन डॉ. एम.पी. सिंह ने बताया कि युवती का पेट पूरी तरह से बालों से भरा हुआ था, और ऑपरेशन के दौरान इसे निकालने के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ।
मात्र 400 रुपये में हुआ ऑपरेशन
युवती का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था, इसलिए जिला अस्पताल ने मात्र 400 रुपये में उसका ऑपरेशन किया। अब युवती की हालत स्थिर है, और वह धीरे-धीरे ठीक हो रही है। डॉक्टरों के अनुसार इस तरह की मानसिक स्थिति में मरीज को आगे भी मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित देखभाल और परामर्श की आवश्यकता होगी, ताकि वह अपनी बाल खाने की आदत से छुटकारा पा सके।
मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता की जरूरत
यह मामला इस बात को भी दर्शाता है कि मानसिक स्वास्थ्य विकारों को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है। ट्राईकोलोटो मेनिया जैसी स्थिति दुर्लभ होती है, लेकिन समय पर सही उपचार और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दिए जाने से ऐसे मामलों में सुधार लाया जा सकता है।
