स्वास्थ्य यानी की हेल्थ एक ऐसी पूंजी है जिसके जरिए आप मुश्किल से मुश्किल चुनौती का सामना आसानी से कर सकते हैं। यदि आपकी बॉडी फिट होगी तो आप किसी भी समस्या का आसानी से सामना कर सकते हैं लेकिन वहीं अगर शरीर किसी बीमारी से घिरा हो तो हिम्मत भी टूट जाती है। वहीं सनातन हिंदू धर्म में भी अच्छी सेहत, निरोगी जीवन, रोग-बीमारियों से, अनिद्रा से छुटकारा आदि सेहत से जुड़ी कई समस्याओं के समाधान के लिए कई उपायों के बारे में बताया है। यदि आप लंबे समय से बीमार हैं या हमेशा अस्वस्थ महसूस करते हैं तो अपने इलाज और दवाईओं के साथ इन उपायों को भी अपना सकते हैं। ये चमत्कारी उपाय है ‘मंत्र’. जी हां, शास्त्रों में कुछ ऐसे मंत्रों के बारे में बताया गया है, जिसके जाप से रोग-बीमारियां ठीक हो सकती हैं। आइए आज इस आर्टिकल के जरिए इन मंत्रों के बारे में जानते हैं।

रोग-बीमारी दूर भगाएंगे ये मंत्र

आज चिकित्सा पद्धति ने बहुत विकास कर लिया है और इसकी मदद से गंभीर से गंभीर बीमारियों से आज निजात पाया जा सकता है, इसलिए सेहत बिगड़ने पर चिकित्सीय सलाह जरूर लें लेकिन इसी के साथ शास्त्रों में मंत्रों के लाभ को भी कारगर माना गया है। दरअसल पहले के समय में ऋषि-मुनि भी मंत्रों का जाप करते थे और इस तरह से वे स्वस्थ रहते थे। आज भी मंत्रों के जाप में उतनी शक्ति है,धर्म ग्रंथों में बताए इन मंत्रों के नियमित जपने से न सिर्फ रोगों से निजात पाया जा सकता है बल्कि व्यक्ति स्वस्थ और दीर्घायु होता है, साथ ही मंत्रों में ऐसी आकौलिक शक्तियां होती है, जिससे नेगेटिविटी दूर होती है और मृत्यु को भी टाला जा सकता है लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि, यदि किसी बीमारी को लेकर आपका इलाज चल रहा है तो अपनी दवाएं समय पर लेते रहे।

गंभीर बीमारी से मिलेगी मुक्त

यदि कोई व्यक्ति गंभीर बीमारी से जूझ रहा है तो उसे गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे मानसिक शांति भी मिलती है।

‘ऊं भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो न: प्रचोदयात्’।

हार्ट प्रॉब्लम्स के लिए मंत्र

ऋग्वेद में बताए गए इस मंत्र का जाप करने से हृदय रोग की समस्या से राहत मिलती है। दवाईओं के साथ-साथ नियमित रूप से इस मंत्र का जाप करना फायदेमंद होगा। सूर्य के सामने इस मंत्र का जाप करें।

‘क्क घन्नघ मित्रामहः आरोहन्नुत्तरां दिवम्।
हृद्रोग मम् सूर्य हरि मांण् च नाश्यं’ का जप करें’।

स्वास्थ्य लाभ के लिए मंत्र

स्वास्थ लाभ के लिए दुर्गासप्तशती के इस मंत्र का 108 बार नियमित रूप से जाप करें और मां दुर्गा से अच्छे स्वास्थ्य की कामना करें।

‘देहि सौभाग्यमारोग्यं, देहि मे परमं सुखं।
रूपं देहि, जयं देहि, यशो देहि, द्विषो जहि’।

आरोग्यता के लिए मंत्र

निरोगी जीवन या आरोग्यता के लिए भगवान शिव के इस मंत्र का जाप रूद्राक्ष की माला से कम से कम एक माला जाप करें।

‘क्क जूं सः माम्पालय पालय सः जूं क्क’।

By tnm

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