कैंसर एक ऐसी गंभीर बीमारी है जिसको यदि शुरुआत में पहचान लिया जाए तो इसका इलाज हो सकता है। पहले यह बीमारी यहां बढ़ती उम्र के साथ होती थी आज छोटी उम्र में ही लोग इसका शिकार हो रहे हैं। बचपन में ब्लड कैंसर, ब्रेन ट्यूमर, लिम्फोमा, न्यूरोब्लास्टोमा और बोन कैंसर सबसे ज्यादा होते हैं। बच्चों में कैंसर के शुरुआती लक्षण कई बार बाकी बीमारियों के जैसे ही होते हैं। ऐसे में पेरेंट्स कई बार इग्नोर कर देते हैं। आज अंतराष्ट्रीय बाल कैंसर दिवस मनाया जा रहा है इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य बच्चों में होने वाले कैंसर के प्रति जागरुकता फैलाना है। तो चलिए आज आपको इस आर्टिकल के जरिए बताते हैं कि बच्चों में कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या दिखते हैं।

नाक या फिर मुंह से खून निकलना

यदि बच्चे की नाक या मसूड़ों में से बार-बार खून आ रहा है तो यह ब्लड कैंसर का संकेत हो सकता है। ल्यूकेमिया के चलते शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या कम होने लगती है जिसके कारण खून के थक्के बनने में भी दिक्कत आती है। इसके अलावा हल्की चोट या फिर बिना किसी कारण ही खून बहने लगता है। यदि बच्चा बार-बार इस समस्या से जूझ रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं।

बुखार रहना

यदि आपके बच्चे को बार-बार या फिर लगातार बुखार आ रहा है तो यह भी कैंसर का संकेत हो सकता है। खासतौर पर रात में यदि बच्चे को बुखार आना और ज्यादा पसीना आना ल्यूकेमिया या लिम्फोमा जैसे रक्त कैंसर का लक्षण हो सकता है। यदि बच्चे बिना इंफेक्शन के बीमार हो रहा है तो डॉक्टर सलाह लें।

आंखों के पास सफेद धब्बे दिखना

यदि बच्चे की आंखों में सफेद या लाल धब्बे नजर आए तो रात में आंखों की रोशनी कम हो तो यह रेटिनाब्लास्टोमा नाम का कैंसर संकेत हो सकता है। माता-पिता की बच्चों की आंखों में कोई बदलाव आए तो विशेष ध्यान दें। अगर आंखों की पुतलियों को असामान्य चमक या रंग बदले तो आई स्पेशलिस्ट से संपर्क करें।

शरीर में निशान दिखना

यदि बच्चे के शरीर पर बिना चोट लगे हुए नीले या फिर लाल धब्बे बन रहे हैं तो यह भी ब्लड कैंसर का लक्षण हो सकता है। ल्यूकेमिया के कारण ब्लड सेल्स अच्छे से काम नहीं कर पाते जिसके कारण उनके शरीर पर अलग तरह के निशान दिख सकते हैं। प्लेटलेट्स की कमी के कारण भी यह समस्या हो सकती है इसके चलते खून जमने का प्रक्रिया भी रुक सकती है।

बच्चे का पीला दिखना

यदि आपका बच्चा सामान्य से पीला दिख रहा है तो यह शरीर में खून की कमी या फिर ब्लड कैंसर का संकेत हो सकता है। कैंसर के कारण रेड ब्लड सेल्स का उत्पादन भी प्रभावित होता है जिसके कारण शरीर में ऑक्सीजन की कमी भी हो सकती है। इसके कारण आपकी त्वचा पीली दिख सकती है और बच्चे भी कमजोरी महसूस कर सकते हैं। यदि बच्चों में यह लक्षण लंबे समय तक बने रहे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क जरुर करें।

गर्दन या कमर में सूजन

अगर आपके बच्चे की गर्दन, कमर, छाती में कोई गांठ या फिर सूजन नजर आ रही है तो यह लिम्फोमा या किसी ओर कैंसर का संकेत हो सकता है। ऐसी सूजन में उन्हें दर्द नहीं होगा और यह धीरे-धीरे बढ़ेगी। यदि सूजन के कारण बच्चे को कोई तकलीफ महसूस हो या यह ठीक न हो तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं।

हड्डियों या जोड़ों में दर्द

यदि बच्चे के हड्डियों में दर्द रह रहा है खासतौर पर रात के समय या बिना किसी कारण वह लंगड़ाकर चल रहा है तो यह ब्लड कैंसर का संकेत हो सकता है। ऐसे में माता-पिता को ध्यान रखना चाहिए। यदि दर्द लंबे समय तक रहे और कोई चोट के बिना दर्द हो तो इसको नजरअंदाज न करें।

अचानक से वजन कम होना

यदि बच्चे का बिना किसी कारण तेजी से वजन कम होता जा रहा है। उसे भूख भी कम लग रही है तो यह भी गंभीर बीमारी का संकेत है। कैंसर कोशिकाएं शरीर की एनर्जी को खत्म कर देती हैं जिसके कारण बच्चे का विकास भी रुक जाता है और वह कमजोर दिखते हैं। अगर आपका बच्चा सामान्य मात्रा में खाना भी नहीं खा रहा है और उसके शरीर की एनर्जी लगातार कम हो रही है तो इसको हल्के में न लें।

इस बात का भी रखें ध्यान

यदि पेरेंट्स को बच्चों में बताए कोई भी लक्षण नजर आए तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। कैंसर का यदि जल्दी पता चले तो इसका इलाज संभव होगा। 2-3 हफ्ते तक ऐसे ही यदि लक्षण बने रहे तो डॉक्टर से संपर्क करें। सही समय पर यदि बीमारी का इलाज हो तो इसे हरा सकते हैं।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

By tnm

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *