अभी भी बहुत से लोग कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। इसका जीता जगता उधारण अमेरिका के राष्ट्पति जो बाइडन हैं। हाल ही वे भी कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। वहीँ अमेरिका के कैलिफोर्निया, मैरीलेंड और टेक्सास में कोविड के मामले लगतार बढ़ रहे हैं। अमेरिका के रोग नियंत्रण और रोकथाम विभाग की तरफ से यह रिपोर्ट जारी की गयी है। बता दें भारत के छत्तीसगढ़ राज्य में भी कोविड का मामला मिल चुक है। वहीँ बीते दिनों अभिनेता अक्षय कुमार भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। कोविड के ये कुछ केस फिर से आने के बाद इस वायरस के मामले बढ़ने की आशंका जताई जा रही है और जो चिंता का विषय भी बन गया है।
आखिर क्यों बढ़ रहे फिर से इसके मामले
आपको बता दें सफदरजंग अस्पताल के कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के एचओडी प्रोफेसर डॉ. जुगल किशोर के मुताबिक कोरोना का वायरस पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। वायरस कम्यूनिटी में रहता ही है लेकिन वह उतना एक्टिव नहीं रहता और न ही संक्रमित मरीजों में उसके खास लक्षण दिखते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर लोग कोविड की जांच करा लेते हैं। ऐसे में जांच में किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव भी आ सकती है।
इस मौसम में रहते हैं वायरस
डॉ जुगल किशोर के मुताबिक इस मौसम में कई प्रकार के वायरस एक्टिव होने शुरू हो जाते हैं। ऐसे में कोविड का वायरस भी मौजूद है तो कुछ लोग इससे संक्रमित हो जाते हैं। लेकिन इसमें पैनिक होने वाली कोई बात नहीं है। कोविड अब खतरनाक नहीं रहः ई। इसके सारे सब वेरिएंट्स ही आ रहे हैं। समय के साथ कोविड का वायरस कमजोर हो चुका है। हालांकि ये वायरस अभी भी मौजूद है। इसलिए यह नहीं सोचना चाहिए कि कोविड हमेशा के लिए खत्म हो गया है। इसलिए अगर किसी इलाके में केस बढ़ रहे हैं तो वहां लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
संक्रमित होने पर जांच कराए
डॉ जुगल किशोर का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति को कोरोना के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो वह किसी भी सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में जाकर जांच करा लें। पहले डॉक्टर मरीज का चेकअप करते हैं अगर डॉक्टरों को लगता है कि कोरोना की जांच की जरूरत है तो अस्पताल के कोविड सेंटर में मरीज की जांच हो जाती है। जांच में अगर मरीज कोविड पॉजिटिव मिलता है तो निर्धारित प्रोटोकॉल के हिसाब से उसका इलाज किया जाता है।
