भारत में डेंगू वायरस के संक्रमण की रफ्तार और संख्या में वृद्धि को देखते हुए, सरकार ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए डेंगू के खिलाफ वैक्सीन के ट्रायल की घोषणा की है। देश भर में 19 जगहों पर क्लीनिकल परीक्षण जल्द शुरू किया जाएगा। वहीं इस ट्रॉयल में 18 से 60 वर्ष की आयु वाले लोगों को शामिल किया जाएगा। बता दें कि अमेरिकी संस्थान के साथ समझौते के जरिये पैनेसिया बायोटेक ने स्वदेशी टीका तैयार किया है। वहीं इस वैक्सीन के शुरुआती ट्रॉयल आशाजनक रहे हैं।
नई वैक्सीन के ट्रायल का उद्देश्य
इस नई वैक्सीन के ट्रायल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यह वैक्सीन सुरक्षित है और डेंगू वायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा उत्पन्न कर सकता है। साथ ही इसकी प्रभावकारिता और उसके साइड इफेक्ट्स का भी मूल्यांकन किया जाएगा।
10,335 व्यक्तियों को लगेगा वैक्सीन
डेंगू वायरस के खिलाफ वैक्सीन का विकास पिछले वर्षों में कई अध्ययनों और शोधों का विषय रहा है, लेकिन अब भारत में इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इस वैक्सीन के परीक्षण का अभियान देश के विभिन्न हिस्सों में फैलाया जाएगा, जिनमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, और हैदराबाद शामिल हैं। बता दें कि इस वैक्सीन के ट्रायल में भाग लेने वाले लोगों को स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा मान्यता प्राप्त वैक्सीन की एक विशेष डोज दी जाएगी। प्रारंभिक रूप से यह ट्रायल 10,335 व्यक्तियों को शामिल करेगा, जो कि विभिन्न वर्गों और जातियों से हो सकते हैं।
क्या है डेंगू
डेंगू एक मच्छरों के काटने से होने वाली बीमारी है, जिसमें व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है। यह वायरस मुख्य रूप से एडेस मॉस्कीटो के काटने से फैलता है और शारीरिक तौर पर दर्द, बुखार और अन्य संक्रमण संकेतों को पैदा करता है। गंभीर मामलों में डेंगू बुखार जीवन खतरे का कारण बन सकता है।
