बदलते लाइफस्टाइल की वजह से इनफर्टिलिटी की प्रॉब्लम बढ़ रही है। ये एक चिंता का विषय है। वहीँ एक्सपर्ट्स के मुताबिक जब कोई महिला 12 महीने से अधिक समय तक कोशिश के बाद भी बच्चा कंसीव नहीं कर पा रही होती तो वो महिला इनफर्टिलिटी का शिकार होती है। वहीँ आपको बता दें महिला अगर कंसीव नहीं कर पा रही है तो इसके क्या कारण है , उसके बारे में भी पता होना बेहद ही जरुरी है। साथ ही समस्या की पहचान के लिए डॉक्टर कई प्रकार के टेस्ट कराने की सलाह भी देते हैं। बता दें इन टेस्ट में महिलाओं को फॉलिकल टेस्ट कराने के लिए कहा जाता है। तो आज आपको इसी के बारे में बताते हैं।

फॉलिकल टेस्ट क्या होता है

फॉलिकल टेस्ट से ओवरी के अंदर मौजूद फॉलिकल्स के साइज की जानकारी मिलती है। फॉलिकल ओवरी में मौजूद एक छोटी थैली होती है जिसमें अंडा बनता है। अगर कोई महिला बच्चा कंसीव करना चाहती है तो फॉलिकल का साइज बड़ा महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीँ फॉलिकल स्टडी टेस्ट एक प्रकार का अल्ट्रासाउंड ही होता है। इसमें मशीन के जरिए महिला की ओवरी में मौजूद फॉलिकल का साइज क्या है और ये कितना ग्रो हो रहा है। वहीँ इसमें महिला के फॉलिकल साइज की कई बार जांच की जाती है। इसकी शुरुआत पीरियड्स साइकिल शुरू होने के बाद की जाती है।

फॉलिकल टेस्ट क्यों है जरूरी

हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, जो महिलाएं बच्चा कंसीव नहीं कर पा रही हैं उनको फॉलिकल टेस्ट जरूर कराना चाहिए।  इस टेस्ट से पता चलता है कि फॉलिकल से अंडे बन रहे हैं या नहीं और अगर बन रहे हैं तो इनका साइज कितना ग्रो हो रहा है।  इसकी कीमत 1500 रुपये से 2 हजार रुपये तक ही होती है। सरकारी अस्पतालों में निशुल्क है।

इनफर्टिलिटी की समस्या आखिर क्यों बढ़ रही है

महिलाओं में बांझपन के कई कारण हो सकते हैं।

हार्मोन का सही काम न करना

पीसीओडी, पीसीओएस की बीमारी बड़े फैक्टर हैं

महिलाओं में बढ़ता मोटापा

खास बात ये कि अगर आप मां बनने की प्लानिंग में हैं तो अपने बढ़ते हुए वजन को कंट्रोल करें। इसके लिए डॉक्टर से सलाह लें।

By tnm

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