आज कल कब क्या हो जाये नहीं पता चलता है। ऐसे में एक मामला same आया है जहाँ सीपीआर की मदद से डॉ. ने बच्चे की जान बचा ली। आपको बता दें डॉ. के द्वारा दिए गये सीपीआर ने विजयवाड़ा के अयप्पा नगर में बिजली के करंट से झुलसे छह साल के लड़के की जान बचा ली। वहीँ अब इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

दरअसल साई नाम का लड़का सड़क पर करंट लगने के बाद बेहोश हो गया था। वहीँ से डॉक्टर रावली गुजर रही थी,उन्होंने देखा कि लड़के माता-पिता परेशान में हैं तो वे खुद ही कार्रवाई में जुट गई। बिना किसी हिचकिचाहट के, डॉ. रावली ने लड़के को सड़क पर ही सीपीआर देना शुरू कर दिया।
जब बच्चे को थोडा होशा आया तो यूज़ तुरन्त अस्पताल ले जाया गया और आवश्यक उपचार दिया गया। अब वो लड़का ठीक है। बता दें डॉ. रावली के इस साहसिक कार्य के वीडियो को सोशल मीडिया पर लोगों द्वारा काफी पसनद किया जा रहा है और उन्हें प्रशंसा व बधाइयां मिल रही हैं।
अब ऐसे में ये बात बेहद जरुरी है कि सीपीआर आना हर किसी के लिए इम्पोर्टेन्ट है। ताकि कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति की जान बचा सके।
सीपीआर क्या होता है
बता दें सीपीआर की फुल फॉर्म कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन होती है। सीपीआर एक इमरजेंसी लाइफ सेवर प्रोसेस है जिसे तब किया जाता है जब दिल धड़कना बंद कर देता है। वहीँ कार्डिएक अरेस्ट के बाद तत्काल सीपीआर देने से बचने की संभावना दोगुनी या तिगुनी हो सकती है। ब्लड फ्लो को एक्टिव रखना एक सफल पुनर्जीवन के अवसर को बढ़ाता है।
