दिल्‍ली के आयुर्वेद अस्‍पताल अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्‍थान अब नॉएडा की एमिटी यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर मेडिकल की दुनिया में कई बड़े प्रोजेक्‍ट पर काम कर रहा है। इस बात को लेकर दोनों संस्थानों के बीच शुक्रवार एक समझौता किया गया है। बता दें कि ये दोनों संसथान मिलकर कई बड़े शिक्षा कार्यक्रम, रिसर्च और एनालिसिस, इन्‍फॉर्मेशन टेक्‍नोलॉजी के अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काम करेंगे। वहीं ज्‍वॉइंट पीएचडी की पढ़ाई को भी शुरू करने की बात चल रही है।

आयुर्वेद इलाज लेने वाले मरीजों को मिलेगा लाभ

आपको बता दें इसका लाभ आयुर्वेद इलाज लेने वाले मरीजों को मिलेगा। इसी के साथ आयुर्वेद संस्‍थान और यूनिवर्सिटी के छात्रों का और फैकल्‍टी का भी आदान प्रदान होगा और शिक्षा व अनुसंधान के क्षेत्र में काम किया जाएगा। वहीँ इस समझौता ज्ञापन पर एआईआईए निदेशक प्रो. तनुजा नेसरी और एमिटी यूनिवर्सिटी के संयुक्त रजिस्ट्रार, आशा प्रेमनाथ ने हस्ताक्षर किए हैं।

आपसी ज्ञान और शोध का होगा विकास

आपको बता दें इस अवसर पर डॉ. तनुजा नेसरी ने कहा कि हमारा संस्थान माननीय प्रधानमंत्री जी के विजन 2047 विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है और ये एमओयू इस दिशा में महत्वपूर्ण कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीँ इससे आपसी ज्ञान और शोध को साझा करके विकास को बढ़ावा मिलेगा।

ये लोग रहे मौजूद

इस दौरान एमिटी यूनिवर्सिटी की कुलपति डॉ. बलविंदर शुक्ला, एमिटी साइंसेज टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फाउंडेशन के अध्यक्ष, डॉ. डब्ल्यू. सेल्वामूर्ति डीन, (डॉ.) बी.सी. दास और आयुर्वेद संस्‍थान से शालाक्य तंत्र विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो मंजूषा राजगोपाला, एमएस प्रो. आनंद रमन शर्मा पीवी और द्रव्यगुण विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शिवानी घिल्डियाल मौजूद रहीं.

By tnm

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