नीमा विमेंस फोरम और शिवम आईवीएफ द्वारा एक मीटिंग का आयोजन किया गया, जिसमें Heavy Menstrual bleeding की समस्या और उसे दूर करने वाली नई दवा क़लैरा पर चर्चा की गई। इस बैठक की अध्यक्षता नीमा विमेंस फोरम की प्रेसिडेंट डॉ. सुगंधा भाटिया द्वारा की गयी।

मीटिंग का मुख्य उद्देश्य लोगों को इस नई दवा के प्रति जागरूक करना था, जिसे हाल ही में यूएस एफडीए और डीसीजीआई ने मंजूरी दी है। यह दवा पीरियड्स के दौरान हेवी ब्लीडिंग को नियंत्रित करने और गर्भधारण को रोकने में सहायक है। अमेरिका में 1500 महिलाओं पर किए गए सफल ट्रायल में इस दवा के साइड-इफेक्ट्स काफी कम पाए गए। भारत में यह दवा हाल ही में लॉन्च की गई है और उम्मीद है कि यह महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

क्या है क़लैरा गोलीयां

E2V/DNG क्वाड्रिफ़ेसिक एक मौखिक गर्भनिरोधक गोली है, जिसे महिलाओं के लिए डिजाइन किया गया है। इस दवा में दो प्रमुख हार्मोन होते हैं, एस्ट्राडियोल वैलेरेट (E2V) और डायनेजेस्ट। यह संयोजन न केवल गर्भधारण को रोकने में प्रभावी है, बल्कि यह महिलाओं में भारी मासिक धर्म रक्तस्राव (हेवी मैन्सचुरल ब्लीडिंग) को नियंत्रित करने में भी मदद करता है।

गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. संगीता कपूर ने दवा की दी जानकारी

गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. संगीता कपूर ने इस नई दवा की जानकारी देते हुए बताया कि यह गोली महिलाओं के लिए लाभकारी है जो भारी मासिक धर्म से पीड़ित हैं। उन्होंने बताया कि इस दवा की खुराक (डोज) का निर्धारण मरीज की स्थिति और आवश्यकताओं के आधार पर किया जाना चाहिए। उचित डोज से महिला को राहत मिल सकती है और उनकी सेहत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

किन लोगों को देनी चाहिए ये दवा

E2V/DNG क्वाड्रिफ़ेसिक दवा का सेवन 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाएं कर सकती हैं। जो भारी लंबे समय तक या बार-बार होने वाले मासिक धर्म रक्तस्राव की समस्या से जूझ रही हैं। डॉ. संगीता ने बताया कि यह दवा विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए हेल्हैपफुल है जिनकी एंडोमेट्रियल बायोप्सी सामान्य है या जिनमें अधिकतम हल्के और सरल एंडोमेट्रियल हाइपरप्लासिया के लक्षण पाए जाते हैं।

इसके अलावा 40 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए जिनका फॉलिकल-उत्तेजक हार्मोन (FSH) का स्तर 40 मिली इंटरनेशनल यूनिट/एमएल से कम है, यह दवा एक उपयुक्त विकल्प हो सकती है। इस दवा का सेवन संबंधित महिलाओं के स्वास्थ्य की बेहतर निगरानी और मासिक धर्म से संबंधित समस्याओं के उपचार में सहायक हो सकता है। डॉ. संगीता ने सुझाव दिया कि दवा की खुराक और उपयोग को व्यक्तिगत जरूरतों और चिकित्सीय सलाह के अनुसार निर्धारित किया जाना चाहिए।

किन लोगों को नहीं दें सकते ये दवा

आपको बता दें कि E2V/DNG क्वाड्रिफ़ेसिक दवा को कुछ विशेष परिस्थितियों में महिलाओं को नहीं दी जा सकती है। डॉ. संगीता के अनुसार जिन महिलाओं का सामान्य ट्रांसवेजिनल अल्ट्रासाउंड किया गया हो या जिनके प्रयोगशाला परीक्षण में असामान्य वैल्यूज़ हों, उन्हें यह दवा नहीं दी जानी चाहिए। यदि किसी महिला का एंडोमेट्रियल एब्लेशन का इतिहास हो या वे पिछले 2 महीनों में डाइलेटेशन और क्यूरेटेज से गुज़री हों, तो भी यह दवा उन्हें नहीं दी जाएगी। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं के लिए भी इस दवा का सेवन मना है। यह सावधानियां इस दवा के संभावित जोखिमों को कम करने के लिए आवश्यक हैं, जिससे कि महिलाओं की सेहत पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े।

इस दवा का वर्ल्डवाइड में मिल रहा बेहतर परिणाम

वहीँ नीमा विमेंस फोरम की प्रेसिडेंट डॉ. सुगंधा भाटिया ने बताया कि इस दवा की मदद से महिलाओं में महामारी के दौरान अधिक ब्लीडिंग को रोकने और गर्भ को ठहरने से रोका जा सकता है। वहीं पेशेंट को और कोई दूसरी टैबलेट देने की जरूरत नहीं पड़ती है। हालांकि यह दवा थोड़ी महंगी है लेकिन इसके वर्ल्ड वाइड रिजल्ट काफी अच्छे है और यह हेवी ब्लीडिंग को रोकने में काफी हेल्पफूल है। जो महिलाएं 40 या 42 साल से ऊपर हैं और भारी महामारी की समस्या है तो उसमें भी यह दवा काफी उपयोगी है। साथ ही उन्होंने सभी गायनेकोलॉजिस्टस से अपील की है कि अगर कोई महिला हेवी मैन्सचुरल ब्लीडिंग की समस्या लेकर उनके पास आती हैं तो उन्हें ये दवा जरूर दें, ताकि वें इसका लाभ उठा सके।

ये डॉक्टर्स रहे मौजूद

इस मौके पर डॉ सुगंधा भाटिया, डॉ मनुप्रिया, डॉ. सुनीता, डॉ. हरप्रीत, डॉ. वनिता गोस्वामी, डॉ. निशिमन, डॉ. तमन्ना, डॉ. प्रिया, डॉ. वनिता चंदन, डॉ. दिव्या मौजूद रहे।

By tnm

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