आज कल खाने की चीजों में इतनी क्यादा मिलावट की जा रही है। इसका असर सेहत पर पड़ रहा है। ऐसे में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने उन प्रोटीन सप्लीमेंट पाउडर और शेक पर कार्रवाई की है जो  चिकित्सकीय रूप से प्रमाणित नहीं हैं या भ्रामक दावे करते हैं। बता दें सूत्रों के हवाले से यह जानकारी शेयर की गयी है।

आखिर FSSAI कई प्रोटीन पाउडर ब्रांड्स पर कार्रवाई क्यों कर रहा है

बता दें इसकी मौब्ता तब आई जब FSSAI ने एक अध्ययन में पाया कि स्टोर शेल्फ़, ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म और जिम में बेचे जाने वाले कई प्रोटीन पाउडर और सप्लीमेंट झूठे और भ्रामक दावों करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्रवाई से ऐसे कई उत्पादों पर प्रतिबंध लग सकता है जो मानदंडों पर खरे नहीं उतरते हैं।

ऑनलाइन मिलते हैं protein supplements

आपको बता दें फिटनेस के बारे में बढ़ती जागरूकता और लोकप्रियता के कारण हेल्थकार्ट और अमेज़न जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म पर प्रोटीन सप्लीमेंट उपलब्ध हैं। जहां 2-3 किलोग्राम के जार में प्रोटीन सप्लीमेंट की कीमत लगभग ₹2,000-6,800 के करीब रखी जताई है, ऐसा एक रिपोर्ट में पाया गया है।

प्रोटीन पाउडर की स्थिति वर्तमान में खराब  

बता दें यह मेडिसिन नामक पत्रिका में पब्लिश एक स्टडी में पाया गया है कि भारत में बिकने वाले 36 लोकप्रिय प्रोटीन सप्लीमेंट्स का विश्लेषण किया गया था, जिसमें पता चला था कि उनमें से लगभग 70% में प्रोटीन की गलत जानकारी दी गई थी, कुछ ब्रांड केवल आधे से ज़्यादा प्रोटीन देते हैं। इसके अलावा, उनमें से लगभग 14% में हानिकारक फंगल एफ़्लैटॉक्सिन थे, जबकि 8% में कीटनाशक अवशेषों के निशान थे।

हर्बल प्रोटीन-आधारित सप्लीमेंट खराब गुणवत्ता वाले

केरल के राजगिरी अस्पताल में क्लिनिकल शोधकर्ता और अमेरिका स्थित प्रौद्योगिकी उद्यमी के मुताबिक भारत के ज्यादातर हर्बल प्रोटीन-बेस्ड सप्लीमेंट खराब गुणवत्ता वाले हैं जो लीवर को डैमेज करने का काम कर रहे हैं।  उन्होंने कहा मार्किट तक इन protein को पहुँचने के लिए सभी नियम और मानदंडों को पूरा करना होता है जो इनके लिए बनाये गये हैं।

By tnm

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *