स्वास्थ्य क्षेत्र में जालंधर ने एक नई उपलब्धि दर्ज की, जब एन.एच.एस अस्पताल ने 21–22 फरवरी को रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का सीएमई और लाइव सर्जरी वर्कशॉप आयोजित किया। कूल्हे, घुटने और कंधे की अत्याधुनिक सर्जरी पर केंद्रित इस दो दिवसीय कार्यक्रम ने क्षेत्र में आधुनिक हड्डी चिकित्सा के नए आयाम स्थापित किए। देशभर से पहुंचे नामी विशेषज्ञ डॉक्टरों ने न केवल लाइव सर्जरी का प्रदर्शन किया, बल्कि नवीनतम तकनीकों, उन्नत उपकरणों और बेहतर रिकवरी परिणामों पर गहन चर्चा भी की। यह आयोजन ऑर्थोपेडिक सर्जरी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ।
6 रोबोटिक सर्जरी का लाइव प्रदर्शन
सीएमई (Continuing Medical Education) की सबसे बड़ी खासियत 6 रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी का लाइव प्रसारण रहा। ऑडिटोरियम में मौजूद डॉक्टरों ने सर्जरी की पूरी प्रक्रिया—मरीज की तैयारी, इम्प्लांट की सटीक पोजीशनिंग और आधुनिक रोबोटिक तकनीक—को सीधे देखा और समझा। देश के विभिन्न शहरों से आए विशेषज्ञ डॉक्टरों ने रिवर्स शोल्डर रिप्लेसमेंट, हिप रिप्लेसमेंट और एडवांस्ड नी रिप्लेसमेंट जैसी जटिल सर्जरियों का प्रदर्शन किया।
400 से अधिक डॉक्टरों की भागीदारी
इस बड़े मेडिकल सम्मेलन में भारत भर से 400 से अधिक डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। पंजाब और जम्मू के मेडिकल कॉलेजों के विभागाध्यक्षों के साथ-साथ चंडीगढ़, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और गुजरात से वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में 7 वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए गए, जिनमें जटिल मामलों, नई रोबोटिक तकनीकों और जॉइंट रिप्लेसमेंट में हालिया प्रगति पर गहन चर्चा हुई।
नेतृत्व और भविष्य की दिशा
कार्यक्रम की अगुवाई डायरेक्टर और सीनियर ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. शुभांग अग्रवाल ने की। उनके नेतृत्व में अस्पताल का रोबोटिक ऑर्थोपेडिक्स विभाग 2019 से घुटना और हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी में अग्रणी रहा है।
अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम डॉक्टरों के बीच सहयोग बढ़ाते हैं और मरीजों को विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध कराने में सहायक साबित होते हैं।
कार्यक्रम में शामिल प्रमुख डॉक्टर
इस अवसर पर डॉ. मनित अरोड़ा (मोहाली), डॉ. राकेश राजपूत (कोलकाता), डॉ. मिलेन शेठ (मुंबई), डॉ. अशोक पी. एस. (चेन्नई), डॉ. नीलन शाह (मुंबई), डॉ. शुभांग अग्रवाल (जालंधर), डॉ. संदीप गोयल और डॉ. नवीन चितकारा सहित सभी विशेषज्ञ डॉक्टरों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
