निपाह वायरस का आतंक खत्म नहीं हो रहा है। केरल में अब फिर से इस वायरस ने आतंक मचाना शुरु कर दिया है। ऐसे में बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने भी हाई अलर्ट जारी कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने कोझिकोड, मलप्पुरम, कन्नूर, वायनाड और एर्नाकुलम जिलों को जूनोटिक इंफेक्शन का हॉटस्पॉट बना दिया है। इसके चलते कई सारे अवेयरनेस प्रोग्राम भी चलाए जा रहे हैं। इससे पहले केरल में पहली बार 2018 में इस वायरस ने अपना कहर दिखाना शुरु किया था। इसके बाद 2019, 2021, 2023, 2024 और 2025 में अब इसके मामले दोबारा सामने आ रहे हैं हालांकि बहुत से लोग इसके लक्षण नहीं जानते तो चलिए आज आपको इस आर्टिकल के जरिए बताते हैं।
आखिर क्या होता है निपाह वायरस?
विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो निपाह एक जूनोटिक वायरस होता है। यह जानवरों और इंसानों दोनों में फैलता है। यह संक्रमित जानवर या उसके शरीर में से निकले तरल पदार्थों के सीधे संपर्क में आने से यह वायरस तेजी से फैलता है। इसके अलावा संक्रमित चमगादड़ों के यूरिन या लार से दूषित फल खाने से यह वायरस इंसानों में आता है। कुछ मामलों में यह सुअर, बकरी ,घोड़े और कुत्तों के जरिए भी फैल सकता है।

इसलिए खतरनाक है निपाह वायरस
भारत में यह वायरस काफी पहले से मिला है। देश के लिए यह बेहद खतरनाक साबित हो चुका है। अमेरिका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की मानें तो इस वायरस से होने वाली मौत का दर बहुत ज्यादा 40% से लेकर 75% तक है। वहीं भारत जैसी ज्यादा आबादी और विकासशील देशों में यह ज्यादा खतरनाक साबित होगा। भारत में मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं के इलाज में देरी या फिर लापरवाही के कारण हो सकती है ऐसे में यह जरुरी है कि इसके लक्षणों की पहचान समय पर करें ताकि मरीज के सही समय पर इलाज मिल पाए। इस वायरस के लक्षण वैसे तो 4 से 14 दिनों में दिखने लगते हैं।
लक्षण
वहीं इसके लक्षणों की बात करें तो कुछ ऐसे नजर आते हैं जैसे कि
. बुखार
. खांसी और गला खराब होना
. उल्टी और दस्त
. सिर में दर्द रहना
. सांस लेने में दिक्कत होना
. मांसपेशियों में दर्द होना
. बहुत ज्यादा कमजोरी होना
. दौरे पड़ना
. आवाज में लड़खड़ाहट होना
. भ्रम या भटकाव की स्थिति पैदा होना
. कोमा में जाना
ऐसे करें अपना बचाव
इस वायरस से खुद को बचाने के लिए हाथों को बार-बार साबुन के साथ धोएं।
. संक्रमित जानवरों को आइसोलेट जरुर करें।
. संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में न आएं।
. अपने हाथ बार-बार साबुन के साथ जरुर धोएं।

. संक्रमित चमगादड़ों और सुअरों से भी दूरी बनाकर रखें।
. जिन जगहों पर चमगादड़ रहते हों वहां पर न जाएं।
. यदि आप किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते हैं तो तुरंत जांच भी जरुर करवाएं।
. जिन इलाकों में निपाह वायरस फैल रहा है वहां पर न जाएं।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
