21वीं सदी आ गई है, लेकिन अभी भी भारत में बहुत से ऐसे लोग हैं जिनके घरों में सेक्स से जुड़ी बातों पर चर्चा करना एक पाप के सामान माना जाता है। इसी वजह से बहुत से टीनएजर्स को सेक्स संबंधी सही जानकारी नहीं है और फिर वे कुछ उल्टा-सीधा कर लेते हैं। वे गलत स्रोतों से जानकारी लेते हैं, जो कि उनके लिए बेहद नुक़सान देह साबित हो सकती है। आज के हिसाब से टीनएजर्स को सेक्स एजुकेशन देना बहुत जरूरी है, साथ ही कि किन अहम मुद्दों से शुरुआत होनी चाहिए।

सीमाओं के बारे में बताएं

माना कि सेक्स की जानकारी देना बहुत जरूरी है, लेकिन उन्हें इसकी सीमाएं भी स्पष्ट कर देनी चाहिए। उन्हें समझाएं कि सेक्स तभी किया जाता है, जब व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार हो। किसी प्रलोभन या दवाब में आकर यह नहीं। उन्हें याद से बताएं कि इसमें कंफ़र्ट और कंसेंट बहुत ज़रूरी है।

डायरेक्ट मुद्दे की बात

ये बात सही है कि यहां-वहां के मुद्दों पर बात करने के बजाय सीधा टॉपिक पर टीनएजर्स से बात करें। आप कुछ उदाहरण दे सकते हैं, जिससे वे चीज़ों को ख़ुद से रिलेट कर पाएं। ये उनकी जिंदगी के संवेदनशील वर्ष होते हैं इसलिए भी उनसे सीधे बात करने की ज़रूरत है। उनके अंदर शरीर में आ रहे बदलावों और दिमाग़ में चल रही हलचल को समझने, जानने की इच्छा होती है। वैसे जानकारियां तो हर जगह, लेकिन उन्हें सही जानकारी की जरूरत होती है। बच्चों को रीप्रोडक्शन (प्रजनन) और रीप्रोडक्टिव हेल्थ के बारे में बताएं।

Sexual Orientation

जिस समाज में हम रहते हैं, यहां हेट्रो सेक्शुएलिटी को नॉर्मल माना जाता है, पर बात ये है कि हमारे समाज में एलजीबीटीक्यूआईए (LGBTQAI+) समुदाय के लोग भी रहते हैं। बच्चों को समझाएं कि इस तरह के सेक्शुअल ओरिएंटेशन वाले लोग भी होते हैं और मन में उनके बारे में किसी तरह की दुर्भावना नहीं रखनी। एलजीबीटीक्यूआईए होने में कुछ भी ग़लत नहीं है।

Periods

मेन्स्ट्रुएशन जिन्हें हम पीरियड्स भी कहते हैं, अक्सर परिवारों में इस पर बात नहीं होती। लड़कियों को तो गुपचुप तरीक़े से बताया जाता है और लड़कों को बताना जरूरी नहीं समझा जाता। वैसे बायलॉजी की क्लास में इस बारे में बात की जाती है, पर क्लास के बाहर इस पर बातचीत नहीं होती। घर पर सहज होकर अगर इस पर बच्चे को सही जानकारी देंगे तो वे समझेंगे कि यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। इसमें कुछ ग़लत या छुपाने जैसा नहीं है। अगर अपने बेटे को इस चीज के बारे में बताएंगे तो वे कभी लड़कियों पर पीरियड्स को लेकर कमेंट करना या चिढ़ाना जैसे काम नहीं करेगा।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।

By tnm

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