डिप्रेशन से जूझ रहे लोगों के लिए एक नई खबर सामने आई है। इस समस्या का इलाज अब नेजल स्प्रे के जरिए हो पाएगा। स्टेट्स ऑफ अमेरिका के फूड एंड ड्रग डिपार्टमेंट ने जॉनसन एंड जॉनसन के नेजल स्प्रे स्प्रावाटो को एडल्ट यूज के लिए मंजूरी दे दी है। अब मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर (एमडीडी) का इलाज करना आसान होगा। एमडीडी से जूझ रहे लोगों को अब किसी भी तरह की मेडिकेशन की जरुरत नहीं होगी। कंपनी ने दावा किया है कि यह पहली स्टैंड अलोन थेरेपी होगी। मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर डिप्रेशन वो अवस्था है जिसमें कम से कम दो स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट के बाद भी मरीज में कोई सुधार न हुआ हो।
पहले भी मिल चुकी थी मंजूरी
स्प्रावाटो नेजल स्प्रे को पहली बार 2019 में इस्तेमाल करने के लिए मंजूरी दी गई थी। अमेरिका के फूड एंड ड्रग डिपार्टमेंट ने डिप्रेशन और इसके कारण होने वाले सुसाइड मामलों को कम करने के लिए इसके इस्तेमाल करने की मंजूरी दी थी लेकिन उस समय इसे स्टैंड अलोन थेरेपी के तौर पर अनुमानित नहीं किया गया था। मरीजों को नेजल स्प्रे के इस्तेमाल के साथ-साथ अलग से दवाईयों का इस्तेमाल करने के लिए भी कहा गया था।

हो चुके हैं कई बार ट्रायल
जॉनसन एंड जॉनसन के स्प्रावेटो नेजल स्प्रे के पहले भी चार ट्रायल हो चुके हैं। ट्रायल के बाद ही नेजल स्प्रे को मंजूरी मिली है। कंपनी ने कहा है कि ट्रायल में यह सामने भी आया है कि यह नेजल स्प्रे डिप्रेशन से जूझ रहे मरीजों पर 24 घंटे में ही असर दिखाना शुरु कर देता है। इसे इस्तेमाल करने से कम से कम चार हफ्ते या 28 दिनों ही डिप्रेशन से छुटकारा पाया जा सकता है। कंपनी ने जो आंकड़े जारी किए हैं उसके अनुसार स्प्रावाटो ने 2024 के पहले नौ महीनों में 780 मिलियन डॉलर की ब्रिकी कर ली है।
अमेरिका में बढ़ रहे डिप्रेशन के मामले
जॉनसन एंड जॉनसन ने बताया कि अमेरिका में खासतौर पर एडल्ट्स में डिप्रेशन के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, 21 मिलियन यानी की 2.10 करोड़ लोग एमडीडी का शिकार हैं। कंपनी ने दावा किया है कि यह नेजर स्प्रे 24 घंटे के अंदर असर दिखाना शुरु कर देता है।

