राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में डेंगू के प्रकोप ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी है, जिसमें हाल ही में दो और लोगों की मौत हो चुकी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल डेंगू के कुल मामलों की संख्या 2,115 से अधिक हो गई है। इन मौतों के बाद अब तक दिल्ली में डेंगू से मरने वालों की संख्या तीन हो चुकी है। यह जानकारी नगर निगम द्वारा जारी साप्ताहिक रिपोर्ट में दी गई है।
डेंगू से मौतों का सिलसिला जारी
सितंबर में इस साल दिल्ली में डेंगू से पहली मौत दर्ज की गई थी, जब लोक नायक अस्पताल में 54 वर्षीय एक व्यक्ति की आठ सितंबर को मौत हो गई थी। ताजा मामलों में सफदरजंग अस्पताल और महाराजा अग्रसेन अस्पताल में दो अन्य मरीजों की जान गई है। अधिकारी ने बताया कि ये मौतें पश्चिमी दिल्ली के पंजाबी बाग क्षेत्र में हुई हैं, लेकिन मृत्यु की तारीख और मृतकों के बारे में अधिक जानकारी नहीं दी गई है।
मामलों में हो रही लगातार बढ़ोतरी
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की रिपोर्ट से पता चलता है कि डेंगू के मामलों में तेज़ी से वृद्धि हो रही है। 29 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच सिर्फ सात दिनों में ही 485 नए मामले सामने आए हैं। इनमें सबसे अधिक मामले नजफगढ़ और दक्षिण दिल्ली ज़ोन से दर्ज किए गए हैं। पिछले महीने यानी सितंबर में डेंगू के 1,052 मामले सामने आए, जो इस साल किसी भी महीने में सबसे अधिक हैं। पिछले साल दिल्ली में डेंगू से 19 लोगों की मौत हुई थी, लेकिन इस साल यह आंकड़ा अभी तीन पर है, हालांकि संक्रमण के मामलों में तेजी देखी जा रही है।
मलेरिया और चिकनगुनिया का भी कहर
डेंगू के साथ-साथ मलेरिया और चिकनगुनिया के मामलों में भी वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले हफ्ते यानी 29 सितंबर से 5 अक्टूबर तक मलेरिया के 81 नए मामले सामने आए, जिससे इस साल मलेरिया के कुल मामलों की संख्या 511 तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले अधिक है, जब 426 मामले दर्ज किए गए थे।
चिकनगुनिया के मामलों में भी वृद्धि देखी जा रही है। इस साल 5 अक्टूबर तक चिकनगुनिया के कुल 69 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि 2023 में पूरे साल में केवल 65 मामले ही सामने आए थे। इन तीनों बीमारियों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है, जिससे दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग पर दबाव बढ़ रहा है।
सरकार और स्वास्थ्य विभाग की चुनौतियां
डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया की इस बढ़ती लहर के बीच सरकार और स्वास्थ्य विभाग के सामने गंभीर चुनौतियां हैं। दिल्ली के अस्पतालों में डेंगू के मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मच्छरों के पनपने के अनुकूल मौसम और पानी के ठहराव से ये बीमारियां फैल रही हैं। ऐसे में लोगों को अपने आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखने, पानी जमा न होने देने और मच्छररोधी उपायों को अपनाने की सलाह दी जा रही है।
जागरूकता और बचाव के उपाय
डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से बचाव के लिए सरकार ने कई जागरूकता अभियान भी शुरू किए हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे पूरी बाजू के कपड़े पहनें, मच्छरदानी का उपयोग करें और अपने घरों और आस-पास के इलाकों में सफाई का विशेष ध्यान रखें। साथ ही सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां इन बीमारियों की जांच और इलाज की सुविधाएं दी जा रही हैं।
इन बीमारियों के खिलाफ लड़ाई में सामुदायिक सहभागिता और जागरूकता महत्वपूर्ण है। जब तक लोग व्यक्तिगत रूप से सावधानी नहीं बरतेंगे, तब तक इस स्थिति पर काबू पाना मुश्किल हो सकता है।
