देश में स्वास्थ्य सेवाओं की लागत हर साल 14 प्रतिशत बढ़ती जा रही है। ACKO इंडिया हेल्थ इंश्योरेंस इंडेक्स 2024 में यह जानकारी सामने आई है। इस रिपोर्ट के अनुसार, अस्पतालों के खर्च का 23 प्रतिशत हिस्सा लोग उधार लेकर चुकाते हैं, जबकि 62 प्रतिशत खर्च का भुगतान खुद करना पड़ता है, जिससे परिवारों पर वित्तीय दबाव बढ़ रहा है। इस स्थिति के मद्देनजर, रिपोर्ट में अचानक आए स्वास्थ्य खर्चों से बचाव के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवा कवरेज की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
किडनी रोग की राजधानी बनी दिल्ली

हेल्थ इंश्योरेंस दावों में प्रमुख बीमारियों पर नजर डालते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली भारत में किडनी रोग की राजधानी के रूप में उभरी है। यहां किडनी से संबंधित स्वास्थ्य बीमा दावों का सबसे अधिक हिस्सा है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि दिल्ली के बाद, किडनी रोग के लिए सबसे अधिक दावे कोच्चि से किए गए हैं। दिल्ली एनसीआर में किडनी से जुड़ी समस्याएं सबसे अधिक हैं, जो एक गंभीर स्वास्थ्य चिंता का संकेत हैं।
दिल्ली में किडनी और गुर्दे की समस्याओं वाले रोगियों की औसत आयु 47 वर्ष है। यह चिंता का विषय है, क्योंकि यह आयु वर्ग में किडनी रोग की बढ़ती प्रगति को दर्शाता है। इसके अलावा किडनी से संबंधित स्वास्थ्य खर्चों में वृद्धि ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता है।
किडनी के बाद हार्ट डिजीज के मरीज

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल किडनी से जुड़ी समस्याओं के लिए सबसे बड़ा बिल 24,73,894 रुपये का था, जो कि गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों में चिकित्सा खर्चों को दर्शाता है। इसके साथ ही हार्ट डिजीज भी एक प्रमुख चिंता का विषय बनता जा रहा है। कोलकाता और मुंबई में हार्ट से जुड़ी बीमारियों के लिए सबसे अधिक दावे किए जाते हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार, हार्ट के मामलों में अस्पताल में भर्ती होने वाले रोगियों की संख्या 31 से 50 वर्ष के आयु वर्ग में सबसे अधिक है, और इनमें हर साल वृद्धि देखी जा रही है।
कैंसर मामलों में चिंताजनक रुझान

रिपोर्ट में कैंसर के मामलों में भी चिंताजनक रुझान का जिक्र है। 2020 से 2025 के बीच कैंसर के मामलों में 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी की भविष्यवाणी की गई है। यह स्थिति भारतीय स्वास्थ्य प्रणाली के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है।
इस बीच सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। 11 सितंबर 2023 को, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के सभी सीनियर सिटिजंस के लिए स्वास्थ्य कवरेज को मंजूरी दी। इस निर्णय के साथ, सभी वरिष्ठ नागरिकों को इस योजना का लाभ मिलेगा, चाहे उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति कुछ भी हो। इस योजना के तहत एक परिवार को हर साल 5 लाख रुपये का हेल्थ कवर प्रदान किया गया है।
इस प्रकार भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत, किडनी और हार्ट रोगों की बढ़ती संख्या, और कैंसर के मामलों में वृद्धि के बीच, सरकार और समाज को मिलकर एक ठोस स्वास्थ्य नीति की आवश्यकता है ताकि सभी नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
