नवजात श‍िशुओं को कई तरह की शारीर‍िक समस्‍याएं होती हैं। नए माता-प‍िता के ल‍िए श‍िशु से जुड़ी हर एक समस्‍या मुश्‍क‍िल होती है लेक‍िन यदि वह लक्षणों पर गौर क‍रें तो इलाज जल्‍दी क‍िया जा सकता है। कई बच्‍चों की स्‍क‍िन पर नीले और काले रंग के धब्‍बे द‍िखते हैं। इन स्‍पॉट्स को मंगोल‍ियन स्‍पॉट के नाम से जाना जाता है। वैसे, तो यह स्‍पॉट ज्‍यादा हान‍िकारक नहीं होते लेक‍िन इनका इलाज करना भी जरूरी है। यह स्‍पॉट ज्‍यादातर पीठ के न‍िचले ह‍िस्‍से या रीढ़ के आसपास नजर आते हैं। जन्‍म के साथ ही श‍िशु के शरीर में ऐसे न‍िशान नजर आ सकते हैं। तो चलिए जानते हैं कि मंगोलियन स्पॉट के लक्षण क्या हैं।

लक्षण

. मंगोल‍ियन स्‍पॉट नीले और काले रंग के होते हैं।

. ये न‍िशान तब दिखते हैं जब श‍िशु का जन्‍म होता है।

. ये न‍िशान फ्लैट होते हैं और इनमें दर्द महसूस नहीं होता।

. ये न‍िशान हल्‍के ग्रे रंग के भी हो सकते हैं।

श‍िशुओं में इस वजह से होते हैं मंगोल‍ियन स्‍पॉट

मंगोल‍ियन स्‍पॉट को डर्मल मेलेनोसाइटस भी कहते हैं। मेलेनोसाइटस स्‍क‍िन में पाए जाने वाला एक तत्‍व है ज‍िन लोगों में मेलेनोसाइटस कम होते हैं, उनकी स्‍क‍िन टोन फेयर होती है। ज‍िन लोगों में मेलेनोसाइटस की मात्रा ज्‍यादा होती है, उनकी स्‍कि‍न टोन डार्क होती है। कई बार नवजात श‍िशुओं में मेलेनोसाइटस बहुत ज्‍यादा जमा हो जाते हैं ज‍िससे नीले और काले पैच नजर आने लगते हैं। मंगोल‍ियन स्‍पॉट्स को छूने से दर्द नहीं होता। यह शरीर के क‍िसी भी अंग के मुकाबले ह‍िप्‍स पर ज्‍यादा देखने को म‍िलते हैं। इसे इसे ब्‍लू बट कहते हैं। इन स्‍पाॅट्स को मंगोल‍ियन स्‍पॉट इसल‍िए कहते हैं क्‍योंक‍ि ये न‍िशान, मंगोल‍ियाई और एश‍ियाई बच्‍चों में ज्‍यादा पाए जाते हैं।

इलाज

यह समय के साथ खत्‍म हो जाते हैं। अगर इनमें असामान्‍य लक्षण दिखें तो डॉक्‍टर से इनका इलाज करवाना चाह‍िए। ये मंगोल‍ियन स्‍पॉट श‍िशु की पीठ, कंधे, हाथ और ह‍िप्‍स पर हो सकते हैं। इन जगहों पर आपको काले और नीले रंग के पैच नजर आ सकते हैं। मंगोल‍ियन स्‍पॉट का कोई इलाज नहीं है लेक‍िन ये दाग, बच्‍चे की उम्र बढ़ने के साथ गायब हो जाते हैं। कुछ बच्‍चों में ये न‍िशान 4 से 5 सालों तक रहते हैं तो कुछ में युवावस्‍था में भी यह न‍िशान दिखते हैं। बड़े होने के बाद, ये दाग, ज्‍यादा गहरे हो जाते हैं।

By tnm

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