नवरात्री के दिनों में बहुत से लोग व्रत रखते हैं, और इस दौरान वो फल और कुट्टू के आटे का सेवन करते हैं। लेकिन अगर आप भी इस साल नवरात्री का व्रत रखें हैं और कट्टु के आटे का सेवन करते हैं तो सावधान हो जाए। दरअसल हाल ही में उत्तर प्रदेश के अमेठी सिटी में कुट्टू के आटे की बिक्री पर अब पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह प्रतिबंध खासकर उन आटे पर लगाया गया है, जो 15 दिन से अधिक पुराना है, चाहे वह खुला हो या पैक्ड। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस फैसले के पीछे का कारण बताते हुए कहा है कि हाल ही में बाजार में बेचे जाने वाले कुट्टू के आटे के नमूनों की जांच की गई, जिसमें एपलॉक्सिन नामक विषाक्त रसायन पाया गया है। यह रसायन मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक हानिकारक है और इसके सेवन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग की सख्ती
खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले के सभी खाद्य कारोबारियों को आदेश जारी करते हुए कहा है कि वे इस प्रतिबंध का सख्ती से पालन करें। 15 दिनों से पुराने कुट्टू के आटे का भंडारण या बिक्री करते पाए जाने पर उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस प्रतिबंध को अमल में लाने के लिए विभाग ने जांच भी शुरू कर दी है, जिसमें विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों से कुट्टू के आटे के नमूने लिए जा रहे हैं।
फूड पॉयजनिंग की घटनाएं
हाल ही में,राज्य में फूड पॉयजनिंग के कई मामले सामने आए हैं, जिनका संबंध कुट्टू के आटे से था। तीन अक्तूबर को बिजनौर में कुट्टू के आटे के सेवन से कई लोग खाद्य विषाक्तता (फूड पॉयजनिंग) के शिकार हुए। इस घटना के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए 15 दिन से पुराने आटे की बिक्री पर रोक लगाने का फैसला लिया। कुट्टू आटे में एपलॉक्सिन नामक विषैले रसायन की मौजूदगी इसके खराब होने का संकेत देती है, और यह स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकता है।
आमजन के लिए चेतावनी
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त राजेश द्विवेदी ने आमजन को चेतावनी देते हुए कहा कि लोग अपने घरों में भी पुराने कुट्टू के आटे का सेवन न करें। इस रसायन से बने खाद्य पदार्थों का सेवन करने से पेट दर्द, उल्टी, दस्त, और अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिले भर में अगले आदेश तक 15 दिनों से अधिक पुराने कुट्टू आटे के भंडारण, वितरण और विक्रय पर रोक रहेगी।
क्या है समाधान
खाद्य सुरक्षा विभाग की सलाह है कि लोग ताजे कुट्टू के आटे का ही सेवन करें और खुले या अधिक समय तक रखे आटे से बने खाद्य पदार्थों से बचें। इस आदेश का मकसद लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना है और फूड पॉयजनिंग की घटनाओं को रोकना है।
