न्यूयॉर्क शहर चूहों की समस्या से लंबे समय से जूझ रहा है। इस बढ़ती समस्या के समाधान के लिए अब एक नया और अनोखा उपाय खोजा जा रहा है। ऐसे में शहर के अधिकारियों द्वारा चूहों की आबादी को नियंत्रित करने के लिए एक नए बिल पर विचार किया जा रहा है, जिसमें चूहों को गर्भनिरोधक चारा खिलाने की योजना बनाई गई है। अगर यह बिल पास हो जाता है, तो इसे पायलट प्रोग्राम के रूप में शुरू किया जाएगा और इस दौरान दो चूहा-प्रभावित इलाकों में इसका परीक्षण किया जाएगा।

चूहों के लिए गर्भनिरोधक चारा

इस पायलट प्रोग्राम की अवधि 12 महीने की होगी। इसके तहत चूहों को गर्भनिरोधक चारा खिलाया जाएगा, जो उनकी प्रजनन क्षमता को कम करेगा। न्यूयॉर्क काउंसिल के सदस्य शॉन अब्रेउ ने इस बिल को पेश किया है। उनका मानना है कि चूहों पर नियंत्रण की पारंपरिक रणनीतियां अब उतनी प्रभावी नहीं रह गई हैं। इसलिए चूहों के खिलाफ यह नया तरीका आजमाने का निर्णय लिया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार अब्रेउ ने कॉन्ट्रापेस्ट नामक गर्भनिरोधक चारे के साथ काम किया है। यह विशेष गर्भनिरोधक चारा मादा चूहों के गर्भाशय को प्रभावित करता है और नर चूहों में शुक्राणु कोशिका बनने की प्रक्रिया को रोकता है। इस गर्भनिरोधक चारे को चूहों को आकर्षित करने के लिए नमकीन और फैट से भरे चारे के रूप में परोसा जाएगा।

गर्भनिरोधक: ज़हर के विकल्प के रूप में

विशेषज्ञों का मानना है कि यह गर्भनिरोधक चारा चूहों की आबादी को नियंत्रित करने का एक सुरक्षित और कम हानिकारक तरीका हो सकता है। आमतौर पर चूहों की समस्या से निपटने के लिए जहर का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसका दुष्प्रभाव अन्य जानवरों पर भी पड़ता है। न्यूयॉर्क शहर में पहले से ही फ्लैको का कानून लागू है, जो चूहों को मारने के लिए इस्तेमाल होने वाले जहर की मात्रा को कम करने पर जोर देता है। इस कानून का नाम उस उल्लू के नाम पर रखा गया है, जिसकी मौत जहर के कारण हुई थी। यह उल्लू न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क चिड़ियाघर से आजाद किया गया था, लेकिन उसके खून में चूहे का जहर पाया गया, जिसके बाद इस कानून को लाया गया।

विशेषज्ञों का कहना है कि चूहों की समस्या से निपटने के लिए जहर का इस्तेमाल करना उचित नहीं है, लेकिन गर्भनिरोधक चारा एक सुरक्षित विकल्प हो सकता है। हालांकि यह जरूरी है कि चूहे वास्तव में इस गर्भनिरोधक चारे को खाएं। चूहों की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए, यह सुनिश्चित करना एक चुनौती हो सकता है कि वे कचरे के बजाय गर्भनिरोधक चारा ही चुनें।

कचरा और गर्भनिरोधक चारे की समस्या

अब्रेउ ने यह भी बताया कि पिछले प्रयोगों में कचरे की उपस्थिति गर्भनिरोधक चारे की प्रभावशीलता को कम कर रही थी। चूहे गर्भनिरोधक चारे के बजाय कचरा खाना पसंद करते हैं, जिससे इस उपाय की सफलता पर सवाल उठता है। लेकिन अब इस नए पायलट प्रोग्राम में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कचरे को हटाकर गर्भनिरोधक चारा चूहों को परोसा जाए, ताकि चूहों को इसका सेवन करने के लिए मजबूर किया जा सके। इससे गर्भनिरोधक चारे की सफलता की संभावना बढ़ जाती है।

आने वाले समय में उम्मीदें

यदि यह पायलट प्रोग्राम सफल होता है, तो इसे अन्य चूहा-प्रभावित क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है। न्यूयॉर्क शहर चूहों की समस्या से काफी समय से परेशान है, और अगर यह तरीका कारगर साबित होता है, तो यह चूहों की आबादी को नियंत्रित करने का एक सुरक्षित और स्थायी समाधान बन सकता है। जहर का इस्तेमाल करने के बजाय गर्भनिरोधक चारा न केवल चूहों की आबादी को नियंत्रित करेगा, बल्कि यह अन्य जानवरों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगा।

न्यूयॉर्क के अधिकारियों को उम्मीद है कि इस पायलट प्रोग्राम के परिणाम सकारात्मक होंगे और यह चूहों की समस्या से निपटने का एक प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल उपाय साबित होगा।

By tnm

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *