किसी ने बहुत अच्छा कहा है कि जब तक धड़कन चलती है, सांसें चलती हैं, प्यार का पौधा उगता रहेगा। इससे यही पता चलता है कि जब तक व्यक्ति जी रहा है, तब तक उसे प्यार करने का हक है। प्यार करने की न ही कोई सीमा है न ही कोई उम्र है। प्यार की भावना सबसे ऊपर है।
जो लोग सोचते हैं कि वह जवान है और सिर्फ उन्हें ही प्यार करने का हक है तो वे गलत हैं। बहुत बार लोग बोलते हैं कि बुड्ढा घोड़ा/ बुड्ढी घोड़ी लाल लगाम, लेकिन उन्हें समझना चाहिए कि प्यार किसी को भी हो सकता है। बहुत से ऐसे लोग हैं जिन्हें 40, 30 साल के बाद प्यार मिलता है और इसमें कुछ गलत नहीं है, क्योंकि भगवान ने आपके लिए लिखा ही उसी उम्र में है तो आप कैसे इंकार कर सकते हैं।
प्यार कभी भी और कैसे भी मिल सकता है। लेकिन हर उम्र में सावधानी और समझदारी बहुत जरूरी है। पार्टनर को खोजें लेकिन गलत इरादों या कारणों से बिल्कुल नहीं। किसी और को देखकर अगर आप प्रभावित हो रहे हैं, सिंगल रहना एक टैबू लग रहा है या अपने साथ खुश नहीं है। ऐसे कारणों से न खोजें। अगर आपको ऐसा कुछ महसूस हो रहा है तो अपने साथ मी टाइम बिताएं, जिससे आपको खुद को समझने में मदद मिलेगी।
अगर खुद से भाग रहे हैं, जल्दबाजी कर रहे हैं तो आपका काम ठीक नहीं होगा, क्योंकि अक्सर कहा जाता है कि जल्दी का काम शैतान का तो इसलिए शांत दिमाग से सोचें। सरलता से काम लें, ताकि आपको परिणाम भी अच्छा मिले।
