जालंधर के इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने 15 अगस्त को झंडा फहराने का कार्यकम आयोजित किया। इस कार्यक्रम की नियुक्ति आईएम के प्रेसिडेंट डॉ. दीपक चावला ने की। कार्यक्रम के दौरान आईएम ने राज्य द्वारा संचालित आरजी कर मेडिकल कॉलेज में घटित हुई दिल दहला देने वाली घटना पर गहरा शोक और दुःख व्यक्त किया। इस घटना में एक द्वितीय वर्ष की पीजीटी महिला डॉक्टर, जो कि ड्यूटी पर थी उन्हें सेमिनार रूम में बलात्कार और हत्या का शिकार बनाया गया। बता दें कि यह अपराध न केवल मानवता के खिलाफ है, बल्कि हमारे समाज की मूलभूत मान्यताओं को भी चुनौती देता है।

उच्चस्तरीय जांच की मांग
आईएमए जालंधर का कहना है कि यह घटना मेडिकल समुदाय के विश्वास को हिला देती है, जो अपनी सीमित संसाधनों के बावजूद निस्वार्थ भाव से जरूरतमंद लोगों की सेवा करता है। एक प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज में ऐसा अपराध होना, पूरे चिकित्सा क्षेत्र को हिला देने वाला है। संगठन ने तुरंत एक उच्चस्तरीय जांच की मांग की है और अपराधियों को सख्त सजा देने की अपील की है। इसके साथ ही डॉक्टरों, विशेषकर महिला डॉक्टरों की सुरक्षा और सुरक्षा के लिए त्वरित और प्रभावी कदम उठाने की जरुरत पर जोर दिया है।

ओपीडी से लेकर आपातकालीन सेवाओं को बंद करने की तैयारी
आईएमए जालंधर इस दुखद समय में मृतक डॉक्टर के परिवार और उनके सहयोगियों के साथ खड़ा है। संगठन ने आशा व्यक्त की है कि सरकार और प्रशासन जल्द से जल्द न्याय सुनिश्चित करेंगे और पूरे देश में डॉक्टरों के लिए उचित सुरक्षा प्रदान करेंगे। सभी आईएमए जालंधर के सदस्यों को सूचित किया गया है कि वे ओपीडी सेवाओं, प्रयोगशालाओं, रेडियोलॉजी और डायग्नोस्टिक्स, एलेक्टिव सर्जरी और आपातकालीन सेवाओं को जल्दी बंद करने के लिए तैयार रहें। इसके बारे में आवश्यक जानकारी आगे दी जाएगी।

मोमबत्ती मार्च की योजना
सोलिडेरिटी और विरोध के हिस्से के रूप में एक मोमबत्ती मार्च की योजना बनाई गई है। वहीं इसके विवरण बाद में प्रदान किए जाएंगे। आईएमए जालंधर ने सभी से आह्वान किया है कि वे तैयार रहें और इस अपराध के खिलाफ एकजुट हों। “बस बहुत हो चुका है,” के संदेश के साथ, संगठन ने इस मुद्दे पर कड़ा और निर्णायक कार्रवाई करने की अपील की।

ये डॉक्टर रहे शामिल
इस मौके पर डॉ. गगनदीप सिंह, डॉ. स्वप्न सूद, डॉ. अनुपमा चोपड़ा, डॉ. चंदर बौरी, डॉ. मुनीश सिंघल, डॉ. हरेश राठला, सचिव वित्त डॉ. अभिषेक कुमार, सहायक वित्त सचिव डॉ. अर्चना दत्ता, डॉ. जंगप्रीत मुल्तानी, डॉ. अमित महाजन, डॉ. जगमोहन सिंह उप्पल, डॉ. संदीप गोयल, डॉ. हरीश नंदा और डॉ. पीयूष शर्मा मौजूद रहे।

