देश में मेडिकल के क्षेत्र में मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए आये आये दिन प्रयास हो रहे। अब ऐसे में एम्स भोपाल में मरीजों का इलाज रोबोट द्वारा किया जायेगा। इस बारे में भोपाल एम्स के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने हाल ही में एक पत्रकार वार्ता में जानकारी दी है।
जटिल ऑपरेशन के लिए रोबोट देगा साथ
एम्स भोपाल कार्यपालक निदेशक प्रो. सिंह ने प्रेस वार्ता में संस्थान की प्रमुख उपलब्धियों, चुनौतियों व भविष्य की योजनाओं पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि आने वाले दिनों में एम्स भोपाल में 60 करोड़ की लागत से दो रोबेाट खरीदे जा रहे हैं। इसका लाभ मरीजों को मिल सकेगा। वहीँ इसके जरिये जटिल ऑपरेशन करने में मदद मिल सकेगी। साथ ही रोबोट की मदद से चिकित्सकों को जटिल रोगों से पीड़ित मरीजो का ऑपरेशन करने में भी काफी सहायता हो पायेगी।
एम्स भोपाल में नर्सिंग की सीटों की संख्या में होगा इज़ाफा
इस दौरान प्रो. सिंह ने बताया कि टीचिंग के क्षेत्र में 2024-25 में 2022 की तुलना में बीएससी नर्सिंग की सीटों की संख्या को 75 से बढ़ाकर 90 कर दिया गया है। वहीं, पीजी कोर्स में एमडी/एमएस की सीटें 103 से बढ़कर 165, डीएम/एमसीएच की सीटें 30 से 75 और पीजी नर्सिंग की सीट 28 से बढकर 42 हो गईं।
भोपाल एम्स में 3 नए विभाग खुले हैं
बता दें एम्स भोपाल में पिछले 2 साल में 3 नए मेडिकल जेनेटिक्स, रुमेटोलॉजी और क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी और क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग बने हैं। इसके बारे में बताते हुए निदेशक प्रो. सिंह ने बताया कि एम्स भोपाल में 4 नए सेंटर जिनमे हैप्पीनेस सेंटर, सेंटर ऑफ प्रिसिशन, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन रेयर डिसीज़, सेंटर ऑफ हेमोग्लोबिनोपैथीज़ खोले जा चुकें हैं। इसके अलावा एम्स भोपाल में आयुष्मान योजना लाभ 250 प्रतिशत बढ़ा है। प्रो. सिंह ने बताया कि एम्स में जल्द ह्दय व फेफड़े का ट्रांसप्लांट भी शुरू होने वाला है। वन स्टेट-वन हेल्थ की दिशा में तैयार SOP के तहत पूरे प्रदेश में एम्स के स्तर का इलाज के प्रयास किए जा रहे हैं।
