मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल मंडला जिले में हाल के दिनों में डायरिया और पानी से फैलने वाली बीमारियों के कारण स्थिति गंभीर हो गई है। दरअसल पिछले दस दिनों में डायरिया की चपेट में आकर सात लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 150 लोग बीमार हो चुके हैं। जिला महामारी नियंत्रण अधिकारी डॉ. यतीन्द्र झारिया ने शनिवार को इस बात की पुष्टि की।

करीब 150 लोग डायरिया से प्रभावित

बता दें कि घुघरी ब्लॉक के देवराहा बहमनी गांव और बिछिया ब्लॉक के माधोपुर गांव में डायरिया के कारण मौतों की सूचना मिली है। देवराहा बहमनी गांव में चार और माधोपुर गांव में तीन लोगों की मौत हुई है। शुक्रवार को माधोपुर गांव निवासी एक अन्य व्यक्ति की भी जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। डॉ. झारिया ने बताया कि इन दोनों ब्लॉकों में डायरिया और जलजनित बीमारियों से प्रभावित करीब 150 लोग हैं। कुछ मरीजों को गंभीर स्थिति में जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

जांच के लिए विशेष स्वास्थ्य विभाग टीम गठित

मामले की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने डायरिया पर नियंत्रण पाने और इसके फैलाव को रोकने के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। ये टीमें बीमारियों की जांच, उपचार और लोगों को डायरिया से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक कर रही हैं। स्वच्छता और साफ पेयजल की कमी से यह स्थिति और गंभीर हो गई है, और स्वास्थ्य विभाग की टीमें इन क्षेत्रों में पानी की गुणवत्ता की जांच कर रही हैं और स्वच्छता अभियानों को तेजी से लागू कर रही हैं।

उमरिया जिले में भी मिले डायरिया के मामले

इस बीच उमरिया जिले के दो गांवों में भी डायरिया के मामलों की सूचना मिली है। वहां पिता-पुत्र समेत तीन लोगों की मौत हो गई और छह अन्य लोग संक्रमित हुए हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए क्षेत्र के स्वास्थ्य पर्यवेक्षक को निलंबित कर दिया गया है, और दो अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

इस तरह से करें डायरिया को कंट्रोल

स्वच्छ पेयजल और अच्छी स्वच्छता के माध्यम से डायरिया की स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है। फिलहाल मंडला जिले में स्वास्थ्य टीमें डायरिया की रोकथाम के लिए पूरी तरह से सक्रिय हैं और इलाके में पानी की गुणवत्ता और स्वच्छता को सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं।

By tnm

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *