रक्तदान करना पुण्य का काम होता है। रक्तदान करने से किसी दूसरे मरीज की जान बचाई जा सकती है। ऐसे में लोगों को रक्तदान करने के लिए गिफ्ट दिए जाते है ताकि लोग ज्यादा से ज्यादा रक्तदान करें। लेकिन हाल ही में राज्य सरकार ने ब्लड डोनेशन कैंपों में अधिकाधिक यूनिट ब्लड एकत्र करने के लिए गिफ्ट का प्रलोभन देने पर रोक लगा दी है। अब यदि ब्लड डोनेशन कैंप लगाने वाली संस्था ऐसा कुछ करती है, तो संबंधित ब्लड सेंटर का लाइसेंस निरस्त या सस्पेंड कर दिया जाएगा। बता दें कि यह जानकारी खुद राजस्थान के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय ने जारी किया है।
ब्लड डोनेशन के लिए नहीं दिया जाएगा गिफ्ट
ड्रग कंट्रोलर अजय पाठक ने सभी सहायक औषधि नियंत्रण अधिकारियों और ब्लड सेंटर्स को परिपत्र भेजा है। इसमें बताया गया है कि रक्त संग्रहण के लिए अधिकांश ब्लड सेंटर आयोजनकर्ताओं के साथ कैंप लगाते हैं। रक्तदाताओं को अधिक संख्या में आकर्षित करने के लिए हेलमेट, कम्बल, थर्मस, ट्रेक सूट, बैग, घड़ी आदि गिफ्ट देने का प्रचार किया जाता है, जो नियम विरुद्ध है।
ब्लड कैंप के लिए चेतावनी जारी
ड्रग कंट्रोलर ने स्पष्ट किया कि सभी ब्लड सेंटर यह सुनिश्चित करें कि किसी भी संस्था या आयोजनकर्ता के साथ मिलकर गिफ्ट देने का कार्य न करें। रक्तदाताओं को इस तरह के प्रलोभन देकर रक्त संग्रहण नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि ब्लड कैंप में नियम विरुद्ध ऐसा किया जाना पाया गया तो संबंधित ब्लड सेंटर का लाइसेंस निलंबित या निरस्त कर दिया जाएगा।
सरकार के फैसले किया स्वागत
इस दौरान सहायक औषधि नियंत्रक महेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि अधिकाधिक ब्लड कलेक्शन के लिए रक्तदाताओं को गिफ्ट का लालच देना अनुचित है। इसकी रोकथाम के लिए मुख्यालय से निर्देश मिले हैं। अब जो भी परमिशन दी जा रही है, उसमें यह शर्तें जोड़ी जा रही हैं।
वहीं सहयोग सेवार्थ फाउंडेशन के सचिव और हर पंचायत रक्त पंचायत अभियान के संस्थापक गोपाल विजयवर्गीय ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि रक्तदान शिविर में रक्तदाताओं को प्रलोभन या गिफ्ट देने पर रोक लगाने का निर्णय उचित है और इससे रक्तदान को एक निष्पक्ष और स्वैच्छिक कार्य के रूप में बढ़ावा मिलेगा।
