केरल में निपाह वायरस की चपेट में आने से 14 वर्षीय लड़के की मौत होने के बाद से हो केरल का स्वास्थ्य मंत्रालय अलर्ट हो गया है। ऐसे में केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज भी चिंतित हैं और उनका कहना है कि मृतक लड़के के छह दोस्तों और 68 वर्षीय एक व्यक्ति के नमूने नेगेटिव पाए गए है।
14 वर्षीय लड़के के संपर्क में आए 330 लोग
स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज में ये भी कहा है कि छह दोस्त लड़के के सीधे संपर्क में आये थे। लेकिन 68 वर्षीय व्यक्ति सीधे संपर्क में नहीं था। फिलहाल उनका ब्लड सैंपल इसलिए कराया गया था, क्योंकि उन्हें बुखार हुआ था। वहीँ 14 वर्षीय लड़के के संपर्क में 330 लोग भी शामिल हैं, जिनमें से 68 स्वास्थ्य कर्मी हैं। साथ ही हाई-रिस्क कैटेगरी में 101 लोगों रखा गया है। इनमें से सात को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जा चूका है। मृतक लड़के के परिवार में किसी के अंदर वायरस के लक्षण नहीं फिलहाल नहीं पाए गये हैं।
गुजरात में पैर पसार रहा है चांदीपुरा वायरस
वहीं गुजरात में चांदीपुरा वायरस तेजी से पैर पसार रहा है। अब तक इसके 71 संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं, जबकि 27 लोगों की मौत की ख़बर है। राज्य के 23 जिलों में इस वायरस के संदिग्ध केस मिलने से स्वास्थ्य मंत्रालय के लिए ये चिंता का विषय बना हुआ है। इसमें साबरकांठा में 8, अरावली में 4, महिसागर में 2, खेड़ा में 5, मेहसाणा में 4, राजकोट में 2, सुरेंद्रनगर में 2, अहमदाबाद शहर में 4, गांधीनगर में 5, पंचमहल में 11, जामनगर में 5, मोरबी में 4, गांधीनगर शहर में 2, छोटा उदयपुर में 2, दाहोद में 2, वडोदरा में 1, नर्मदा में 1, बनासकांठा में 02, वडोदरा शहर में 01, भावनगर में 1, देवभूमि द्वारका में 1, राजकोट निगम में 1, कच्छ में 1, साबरकांठा में 1, अरावली में 2, मेहसाणा में 2, गांधीनगर में 1, पंचमहल में 1, मोरबी में 1 और वडोदरा में 1 मरीज चांदीपुरा वायरस से संक्रमित पाया गया है. गुजरात के 71 संदिग्ध मामलों में 27 मरीजों की मौत हो चुकी है. इसमें साबरकांठा में 2, अरावली में 3, महिसागर में 1, मेहसाणा में 2, राजकोट में 2, सुरेंद्रनगर में 01, अहमदाबाद शहर में 3, गांधीनगर में 1, पंचमहल में 4, मोरबी में 3, गांधीनगर निगम में 1, दाहोद में 2, वडोदरा में 1 और देवभूमि द्वारका में बी 1 मरीज की मौत हुई है. गुजरात में 41 मरीज भर्ती हैं और 3 मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं. इस वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने कुल 17248 घरों में 121826 व्यक्तियों की जांच की है।
वहीँ विशेष रूप से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने विशेषज्ञों के बीते दिनों में गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश में चांदीपुरा वायरस के मामलों और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम के मामलों की समीक्षा की है।
आखिर क्या है चांदीपुरा वायरस
आपको बता दें साल 1966 में पहली महाराष्ट्र में इससे जुड़ा केस सामने आया था। नागपुर के चांदीपुर में इस वायरस की पहचान हुई थी, इसलिए इसका नाम चांदीपुरा वायरस पड़ गया। इसके बाद इस वायरस को साल 2004 से 2006 और 2019 में आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात में रिपोर्ट किया गया। बता दें कि चांदीपुरा वायरस एक RNA वायरस है, जो सबसे ज्यादा मादा फ्लेबोटोमाइन मक्खी से फैलता है। इसके फैलने के पीछे मच्छर में पाए जाने वाले एडीज जिम्मेदार होते हैं।
चांदीपुरा वायरस के लक्षण
दरअसल चांदीपुरा वायरस होने से रोगी को बुखार की शिकायत होती है। इसमें फ्लू जैसे ही लक्षण होते हैं और तेज एन्सेफलाइटिस होती है। एन्सेफलाइटिस एक ऐसी बीमारी है, जिससे दिमाग में सूजन होने लगती है।
मुंबई में मिले जीका वायरस के 34 केस
महाराष्ट्र में अब तक जीका के 34 मामले सामने आ चुके हैं। जिसमें पुणे जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां 19 जुलाई तक 28 मामले सामने आए हैं। राज्य सरकार काफी एक्टिव हो चुका है। वहीँ इसे वायरस के प्रकोप को रोकने की कोशिश में लगा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि वायरस से प्रभावित जिलों में हर 3 से 5 किलोमीटर पर केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। जो क्षेत्रों में सर्वे करेंगे और बुखार के मामले सामने आने पर तुरंत पहचान के लिए ब्लड सैंपल लेंगे। वहीँ गर्भवती महिलाओं और माताओं के भी ब्लड सैंपल लेकर जीका वायरस के लिए टेस्ट किया जा रहा है, क्योंकि गर्भावस्था के दौरान जीका वायरस संक्रमण भ्रूण और नवजात शिशुओं दोनों पर बुरा असर डाल सकता है।
आखिर क्या है जीका वायरस
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक जीका वायरस एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। एडीज मच्छरों के काटने से ही डेंगू, चिकनगुनिया और येलो फीवर भी फैलता है। ये तीनों वायरस लगभग एक जैसे ही हैं। इन तीनों वायरस के फैलने की शुरुआत पश्चिम, मध्य अफ्रीका और दक्षिण पूर्व एशिया से हुई थी। जीका वायरस गर्भवती महिला से गर्भ मे पल रहे बच्चे में फैलता है।जो बच्चे के लिए खतरा बनता है।
जिका वायरस के लक्षण
जीका वायरस के लक्षण बेहद आम हैं। इनमें शरीर पर लाल चकत्ते पड़ना, बुखार, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द और सिर में दर्द शामिल है। जीका वायरस से संक्रमित ज्यादातर लोगों में इसके लक्षण नहीं मिलते।
आखिर क्या है निपाह वायरस
बता दें निपाह संक्रमण का पहला मामला 1998-99 में सामने आया था। यह मलेशिया के कम्पंग सुंगाई निपाह नामक जगह पर सबसे पहले देखा गया था और इसी वजह से इसका नाम निपाह पड़ा। यहां इस संक्रमण की चपेट में 250 से ज्यादा लोग आए थे। वहीँ चमगादड़ों को निपाह वायरस के प्रसार का मुख्य कारक माना जाता है। चमगादड़ों द्वारा दूषित फलों या अन्य भोजन के माध्यम से ये इंसानों में जल्दी से फैलता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, फलों-सब्जियों को खाने से पहले उसे अच्छी तरह से साफ करें। पक्षियों द्वारा कटा हुआ फल न खाएं।
