पेरी मेनोपॉज को लेकर आज नीमा विमेंस फोरम और शिवम आई वी एफ की तरफ से वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस वर्कशॉप को नीमा विमेंस फोरम की प्रेसिडेंट डॉ सुगंधा भाटिया की अध्यक्षता में किया गया।
पेरी मेनोपॉज मे ऐसा होता है
जालंधर की सीनियर महिला रोग विशेषज्ञ डॉ संगीता कपूर ने कहा कि महिलाओ में 40 से 50 की उम्र के बीच में मेनोपॉज शुरू हो जाता है। यानिकि मासिक धर्म का बंद हो जाना। लेकिन उससे पहले पेरी मेनोपॉज की स्टेज आती है, जो ऐसी transition स्टेज होती है जिसमे महिला के शरीर में एस्ट्रोजेन हार्मोन का लेवल धीरे धीरे कम होने लगता है।
क्या है पेरी मेनोपॉज के लक्षण
डॉ संगीता ने बताया कि स्टेज में महिला का मूड स्विंग्स, इनसोम्निया, irregular periods, hot flashes, बाल झड़ना, वेजाइनल ड्राइनेस और स्किन ड्राइनेस होना शामिल है। इतना ही नहीं डॉ कपूर ने ऐसी स्टेज के लिए महिलाओं को अलर्ट रहने के लिए कहा, साथ ही डाइट में कुछ चीजों को शामिल करने के बारे में बताया।
डाइट में क्या खाएं
डॉ. संगीता ने बताया कि ऐसी स्टेज में महिलाओं को अपनी डाइट की तरफ ध्यान देना बेहद जरुरी है। ऐसे में महिलाएं वे चीजें खाएं जिनमे फाइबर ज्यादा मात्रा में हो। साथ ही कैल्शियम का सेवन भी भरपूर मात्रा में करें। वहीँ उन्होंने ये भी बताया कि अगर आप पालक के साथ दाल के सेवन करते हैं तो उसका कोई फायेदा नहीं है।
इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि जितना अलाइव चीजें होंगी उतना ज्यादा फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि बादाम को soak कर देने उसका फाइबर आउट हो जाता है। जिसका कोई बेनिफिट नहीं मिलता है। वहीँ उन्होंने Millets खाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि साउथ में millets का सेवन बहुत ही अधिक मात्रा में होता है। G-20 summit में भी सारा खाना millets से बना हुआ वहां आये हुए मेहमानों के लिए सर्व किया गया था।
ऐसे में इन बातों का ध्यान रखें
एक्सरसाइज करें
वॉक करें डायबिटीज में
डीप breathing exercise करें
Mood changes होने पर 15 मिनट के लिए प्राणायाम और मेडिटेशन का सहारा लें
कोई एक्सरसाइज या मेडिटेशन के लिए एक ही जगह और एक ही टाइम रखें, ज्यादा लाभ मिलेगा
ये डॉक्टर्स रहे मौजूद

इस मौके पर डॉ सुगंधा भाटिया, डॉ वनिता गोस्वामी, डॉ मनुप्रिया, डॉ हरप्रीत कौर, डॉ नमिता जग्गी, डॉ सुनीता, डॉ तमन्ना, डॉ निष्मा मल्होत्रा, डॉ रेणु महाजन और डॉ दिनेश जग्गी मौजूद रहे।
