केरल राज्य के त्रिपुरा में हाल ही में एक चिंताजनक स्थिति सामने आई है, जहां छात्रों में HIV (एचआईवी) का बढ़ता हुआ मामला सामने आया है। इस घातक बीमारी के फैलने से अब तक 828 छात्र पॉजिटिव पाए गए हैं, जबकि 47 की मौत हो चुकी है। यह समाचार राज्य और केन्द्र सरकारों के बीच एक गंभीर मुद्दा बन गया है और लोगों के बीच खौफ और चिंता का कारण बना है।
त्रिपुरा में HIV का फैलने का कारण
त्रिपुरा जो केरल राज्य का एक महत्वपूर्ण शहर है, वहां एचआईवी के मामलों का तेजी से फैलना यह दर्शाता है कि बीमारी के प्रति जागरूकता की आवश्यकता है। त्रिपुरा राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी (TSSES) के एक वरिष्ठ अधिकारी संयुक्त निदेशक भट्टाचार्जी ने बताया है कि इस समस्या का मुख्य कारण असंतुलित जीवनशैली, लोकतंत्र में ज्यादा खुले संबंध, और नशे की लत है। उन्होंने ने ये भी बताया कि छात्रों में एचआईवी मामलों में वृद्धि नशीली दवाओं के एक ही संक्रमित इंजेक्शन का अलग-अलग छात्रों द्वारा इस्तेमाल करना है। ऐसे में इस मामले को गंभीरता से लेते हुए समाज के साथ-साथ सरकारी स्तर पर भी उचित कदम उठाने की कोशिश किया जा रहा है।
जांच करने पर पता चला एचआईवी
एचआईवी वायरस का पता तब लगा, जब कुछ छात्रों के असामान्य रोगों के लक्षण दिखाई देने लगे और उन्हें जांच के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया। जांच में एचआईवी की पुष्टि होने के बाद, उन्हें संबंधित उपचार के लिए अस्पताल में रेफर किया गया।
राज्य सरकार ने एचआईवी को लेकर उठाए कदम
राज्य सरकार ने भी इस मुद्दे पर संज्ञान लेते हुए कई कदम उठाए हैं, जैसे कि जागरूकता अभियान, स्कूलों और कॉलेजों में एचआईवी के बारे में शिक्षा, और नि:शुल्क जांच कैंप्स का आयोजन किया है। स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी के फैलने को रोकने के लिए सक्रिय रूप से काम किया है और लोगों को इस बारे में समझाने का प्रयास किया है।
हालांकि, बीमारी के बढ़ते मामलों के बावजूद, समाज में अब तक इसे लेकर खुलकर बात नहीं की गई है और लोगों के बीच इसके प्रति जागरूकता की कमी महसूस होती है। इस बीमारी के खिलाफ लड़ाई में समुदाय के साथ साथ सरकार का भी सक्रिय हिस्सा होना जरूरी है। वहीं समाज के अभ्यासों और व्यवहार में बदलाव लाने के साथ-साथ, सरकारी स्तर पर नीतियों को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है ताकि ऐसी स्थितियों से बचा जा सके और बीमारी को फैलने से रोका जा सके।
जानिए कुल कितने लोग HIV से पीड़ित
बता दें कि एक वर्कशॉप में TSSESके संयुक्त निदेशक सुभ्रजीत भट्टाचार्य ने त्रिपुरा में फैल रहे एचआईवी मामले की रिपोर्ट का खुलासा किया है। इस दौरान उन्होंने ने बताया कि अभी तक राज्यों के 220 स्कूलों और 24 कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में छात्र द्वारा नशीली दवाओं के दुरुपयोग के मामले सामने आए हैं। उन्होंने ने बताया कि एचआईवी से पीड़ित कुल लोगों की संख्या 5,674 है। जिसमें से 4,570 पुरुष हैं, जबकि 1,103 महिलाएं हैं और केवल एक मरीज ट्रांसजेंडर है।
