बदलते लाइफस्टाइल को देखते हुए भारत में हार्ट डिजीज के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में ये एक खतरनाक मोड़ पर है। साइंस डायरेक्ट जर्नल के मुताबिक भारत में सबसे ज्यादा कोरोनरी आर्टरी डिजीज यानी हार्ट या हार्ट से संबंधित बीमारियों के मरीज देखने को मिल रहे हैं। वहीँ हार्ट डिजीज के कारणों की बात करें तो इसमें हाई कोलेस्ट्रॉल सबसे प्रमुख है।

आपको बता दें खानपान और लाइफस्टाइल में सही न होने की वजह से शरीर में फैट या वसा की मात्रा बढ़  रही है।  यह फैट खून में जमा होने लगता है। इसे ही मेडिकल term में कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक कुछ कोलेस्ट्रॉल हमारे लिए बहुत जरूरी होते हैं, जब गंदा कोलेस्ट्रॉल खून में जमा होने लगता है तो इसे हाई कोलेस्ट्रॉल कहते हैं। कोलेस्ट्रॉल मोम की तरह चिपचिपा चीज है।

एक बार जब खून की नलियों या धमनियों में चिपक जाए तो वहां से आसानी से नहीं हटती है। इससे नलिकाओं में ब्लड सर्कुलेशन सही से नहीं होता है। जिसके कारण हार्ट को सही तरह से खून नहीं पहुंच पाता है। ऐसे में हार्ट ठीक तरह से पंप नहीं होता है, जो हार्ट अटैक, कार्डिएक अरेस्ट, ब्रेन स्ट्रोक या अन्य परेशानियां का कारण बनता है।

गाइडलाइंस हुई जारी

बता दें अब तक भारत में हाई कोलेस्ट्रॉल के मरीजों के लिए किसी तरह की कोई खास गाइडलाइंस जारी नहीं की गयी थी। डॉक्टर जिस तरह की सलाह देते हैं वही लोग अपनाते हैं। दरअसल लोगों को पता ही नहीं उन्हें हाई कोलेस्ट्रॉल है। इसे पता लगाने का एकमात्र तरीका है लिपिड प्रोफाइल टेस्ट।

एक्सपर्ट के मुताबिक इंसान को 25 साल की उम्र के बाद साल में एक बार लिपिड प्रोफाइल टेस्ट करवा लेना चाहिए। वहीं अगर रिस्क फेक्टर ज्यादा है तो इसे जल्दी-जल्दी कराने की जरूरत पड़ती है।

कार्डियोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया ने गाइडलाइंस जारी की है,

उनके अनुसार जिन्हें कोलेस्ट्रॉल है उसे सबसे पहले डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए

वहीँ डॉक्टरों को स्टैटिन और नॉन-स्टेटिन दवाइयों से बीमारी की गंभीरता के अनुसार इलाज करना चाहिए

अगर इससे कोलेस्ट्रॉल कम नहीं होता तो PCSK9 इंजेक्शन लगाना चाहिए

इसके अलावा Inclisiran, Fibrates, fish oil, lomatipide, Mipmersen आदि भी डॉ. Recommend करते हैं

हाई कोलेस्ट्रॉल के लिए किस तरह की डाइट लें

कार्डियोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया के मुताबिक

हेल्दी डाइट में रोजाना ताजी हरी सब्जियां, फलीदार सब्जियां, ताजे फल, नट्स, सीड्स, साबुत अनाज, मछलियां, बेजिटेबल ऑयल, अंडा, चाय, कॉफी आदि का सेवन करें

सिगरेट, शराब, प्रोसेस्ड फूड, प्रोसेस्ड मीट, ज्यादा चीनी, ज्यादा नमक का सेवन नहीं करें

हर रोज किसी भी तरह की एक्सरसाइज करें

हाई कोलेस्ट्रॉल होने के लक्षण

शुरुआत में इसके कोई लक्षण नहीं दिखते

युवा उम्र में ही लोगों को हाई कोलेस्ट्रॉल होने लगा है

हाई कोलेस्ट्रॉल होने पर हार्ट अटैक या स्ट्रोक पड़ता है इसलिए बेशक इसके लक्षण न दिखें लेकिन जिन व्यक्तियों को इसका खतरा ज्यादा है, उसे हमेशा सतर्क

जिस किसी को भी हाई कोलेस्ट्रॉल है उसे इस बीमारी का ज्यादा खतरा रहता है

वहीं ज्यादा फास्ट फूड, प्रोसेस्ड फूड, फैटी फूड या ज्यादा तली हुई फ्राई चीजें खाने की आदत है, उन्हें इसका ज्यादा खतरा है

इसके अलावा मोटापा, स्मोकिंग, अल्कोहल, खराब खाना खाने वाले और डायबिटीज और थायराइड के मरीजों को भी इसका खतरा ज्यादा रहता है

By tnm

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *