कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो इन दिनों बहुत से लोगों को अपनी चपेट में ले रही है। वहीं लोगों में इस बीमारी के होने के कई वजह बताएं जाते हैं। जिसमें अनहेल्दी लाइफस्टाइल और खराब खानपान शामिल है। वहीं कैंसर जेनेटिक भी हो सकती है। मतलब कि अगर फॅमिली हिस्ट्री में किसी को कैंसर की बीमारी हुई है तो इसके होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।
दरअसल हाल ही में वैज्ञानिकों की एक नई स्टडी में खुलासा हुआ है कि माता-पिता में कैंसर के संक्रमण से उनके बच्चों में इस बीमारी के होने के चानसेज काफी बढ़ जाते हैं। यह स्टडी जिसे Nature Communications में प्रकाशित किया गया है, जिसमें शोधकर्ताओं ने बताया कि यह खतरा किस प्रकार उत्पन्न हो सकता है और इसकी विपरीत प्रतिक्रिया कैसे हो सकती है।
जेनेटिक कैंसर होने का खतरा अधिक
इस स्टडी के मुताबिक अगर माता-पिता में कैंसर हो, तो उनके बच्चों में इसके जेनेटिक प्रभाव के लिए विशेष ध्यान देना चाहिए। विशेष रूप से स्टडी में देखा गया कि वे बच्चे जिनके माता-पिता में कैंसर है, उनमें कैंसर की अधिक संभावना हो सकती है, यह उनकी जेनेटिक स्थिति और जीवनशैली के बीच के संबंध को दर्शाती है।
स्टडी लेखक डॉ. जॉन डेविड्सन ने क्या बताया
इस स्टडी के प्रमुख लेखक डॉ. जॉन डेविड्सन ने बताया कि इसमें हमने जांचा कि कैंसर की सीन्यॉरिटी वाले परिवारों के बच्चों में कैंसर की विकास और अधिकतम शुरुआती जीवनकाल की संभावना हो सकती है। उन्होंने इसे जेनेटिक स्टडी के स्टडी के माध्यम से समझाया और जीवनशैली उदाहरणों के माध्यम से इसके अधिक गंभीर होने के कारण विश्वसनीयता दी।
इस अध्ययन में विशेष ध्यान दिया गया कि कैंसर की सीन्यॉरिटी वाले परिवारों के बच्चों में उनके विकास की संभावना बढ़ सकती है, जब उनके माता-पिता को कैंसर की बीमारी हो। यह अध्ययन उन जेनेटिक प्रक्रियाओं को समझने का प्रयास है जो इस प्रकार की आनुवंशिकता को प्रेरित कर सकते हैं, जिसे इसे एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में पहुंचने में मदद मिलती है।
इस स्टडी के मुताबिक समय रहते इसे समझना और इस पर कार्रवाई करना अत्यधिक महत्वपूर्ण है। यह न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को संभालने के लिए बल्कि समुदाय के स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत है। वैज्ञानिक समुदाय इस नए अध्ययन को समझने में और अधिक अध्ययन के लिए प्रेरित किया गया है, ताकि इसे आगे बढ़ाया जा सके और इससे जुड़ी सभी संभावनाओं को समझा जा सके।
