अक्सर लोगों को और बच्चों को समझाया जाता है कि उन्हें तालाब और नहर में नहीं नहाना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि तालाब और नहर के पानी में कई ऐसे खतरनाक और जानलेवा बैक्टरिया मौजूद होते है जो लोगों को गंभीर रूप से बीमार कर सकते हैं। इन्हीं में से फ्री लिविंग अमीबा भी है जो तालाब के गंदे पानी में पहले से मौजूद होते हैं। वहीं जब कोई व्यक्ति तालाब में नहाता है तो यह अमीबा उन्हें अपना शिकार बना लेते हैं। दरअसल हाल ही में तालाब में नहाने से 5 साल की बच्ची की मौत हो गई है। वहीं बच्ची की मौत तालाब के पानी में मौजूद फ्री लिविंग अमीबा से हुई है।
क्या है पूरा मामला
बता दें कि यह मामला केरल से सामने आया है, जहां एक 5 साल की बच्ची 1 मई को तालाब में नहाने के लिए गई थी। जिसके कुछ दिनों बाद लड़की को तेज बुखार, सिरदर्द और उल्टी की समस्या होने लगी। इस दौरान बच्ची की तबीयत इतनी ज्यादा बिगड़ गई कि उसके परिवारजनों ने उसे तुरंत अस्पताल ले गए। जहां बच्ची को वेंटिलेटर पर रखा गया और उसका इलाज शुरू किया गया। डॉक्टर के लाख कोशिशों के बावजूद बच्ची पर दवाई का कोई असर नहीं हुआ और बच्ची की मौत हो गई।
डॉक्टर ने बताया
अस्पताल में डॉक्टर ने बताया कि बच्ची की मौत अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस की वजह से हुई है। वहीं यह बीमारी किसी भी व्यक्ति को तब होता है जब कोई व्यक्ति तालाब या नहर के पानी में नहाते है। दरअसल तालाब के पानी में फ्री लिविंग अमीबा पहले से मौजूद होते हैं जो नाक के जरिए इंसान के शरीर में घुस जाते हैं और दिमाग में पहुंच कर दिमाग को खाने लगते हैं। जिससे व्यक्ति के दिमाग में सूजन होने लगती है और उसका शरीर काम करना बंद कर देता है। जिस वजह से उस व्यक्ति की मौत हो जाती है।
अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस के लक्षण
बुखार आना
सिर दर्द होना
उल्टी और मतली होना
दौरे पड़ना
यह अमीबा कैसे अपने संक्रमण फैलाता है
वहीं इस अमीबा से इंफेक्शन का खतरा तब होता है, जब गंदा पानी नाक के अंदर से दिमाग में घुस जाएं। दरअसल यह अमीबा ब्रेन सेल्स को खाने लगते हैं। साथ ही गंदे पानी में तैरने से भी यह अमीबा व्यक्ति को अपना शिकार बनाता है। यह तालाब में ही नहीं बल्कि बहुत दिनों से जमे और गंदे पानी में भी पाए जाते हैं। ऐसे में यह बहुत जरूरी है कि आप अपने बच्चों को तालाब में नहाने से रोके और अपने आसपास लंबे समय तक पानी को जमा न होने दें।
