ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में होना वाला सबसे आम कैंसरों में से एक हैं। इन दिनों काफी तेजी से ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं को अपनी चपेट में ले रही है। ऐसे में महाराष्ट्र के सोलापुर गांव में ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए पहली बार मोबाइल एंबुलेंस के जरिए पोर्टेबल उपकरणों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके फ्री ब्रेस्ट कैंसर की जांच शुरू की है। दरअसल आज भी ग्रामीण इलाके में बहुत ऐसी महिलाएं है जो ब्रेस्ट कैंसर की जांच करवाने से कतराती है। ऐसे में गांव की महिलाओं की जांच करने के लिए इस फ्री प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है।
गांव के चीफ इग्ज़ेक्यटिव ऑफिसर ने बताया
जिला परिषद की चीफ इग्ज़ेक्यटिव ऑफिसर मनीषा अव्हल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अकसर महिलाएं ऐसी स्क्रीनिंग के लिए अस्पताल जाने से हिचकिचाती हैं। जिस वजह हमने सोचा कि महिलाओं के आगे आने का इंतजार करने की बजाय खुद उन महिलाओं तक जांच के लिए पहुंचा जाए। इसलिए मार्च में ‘प्रोजेक्ट निदान’ की शुरुआत हुई। साथ ही उन्होंने बताया कि ‘महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का प्रसार अधिक है। मेरे परिवार में भी, हमें स्तन कैंसर के मामलों के कारण बहुत नुकसान हुआ है, जिसने मुझे इस क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।’
किस तरह से तैयार किया गया ये मोबाइल एंबुलेंस
अव्हल ने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर की जांच और रोकथाम के लिए एक मोबाइल एंबुलेंस तैयार किया गया है। मोबाइल एंबुलेंस का निर्माण निरामई नामक एक स्टार्टअप ने की है। वहीं इस मोबाइल एंबुलेंस तकनीक काफी पोर्टेबल है जिसे कहीं भी बड़ी आसानी से प्रयोग किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने बताया कि एआई और थर्मल तकनीक का उपयोग करके मशीन ब्रेस्ट कैंसर का पता लगाती है।
5,000 महिलाओं की जांच, 64 मामले
हालांकि अभी तक इस प्रोजेक्ट के माध्यम से 1,000 किलोमीटर से अधिक की यात्रा की गई है और लगभग 5,000 महिलाओं की जांच की है। थर्मल स्क्रीनिंग और मैमोग्राफी में 64 मामले कैंसर के संदिग्ध पाए गए। वहीं तीन मामले पॉजिटिव पाए गए हैं जिनका अभी इलाज चल रहा है। हालांकि इस स्क्रीनिंग जांच मोबाइल को एंबुलेंस में फिट गया है।
